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Varanasi : काशी में जी-20 की तीन दिवसीय बैठक शुरू, दुनिया भर के वैज्ञानिक कर रहे कृषि विकास पर मंथन

Varanasi: Three-day meeting of G-20 begins in Kashi, scientists from all over the world are brainstorming on agricultural development

वाराणसी: (Varanasi) धर्म नगरी काशी में जी-20 की तीन दिवसीय एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप की 100वीं बैठक सोमवार को शुरू हो गई। इसमें भारत समेत दुनिया के 20 विकासशील देशों में वैश्विक कृषि के विकास पर मंथन शुरू हो गया है। नदेसर स्थित तारांकित होटल में आयोजित बैठक का उद्घाटन केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (रि.) वीके सिंह ने किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित और विकासशील देशों के शीर्ष वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों, एमएसीएस की इस अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक के लिए प्राचीन और पवित्र शहर वाराणसी में आपके साथ होना मेरे लिए खुशी की बात है। यह हमारी प्रगति का जायजा लेने का एक आकर्षक अवसर है। भारत की अध्यक्षता के दौरान, थीम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ हासिल करने के लिए हमारे सामूहिक प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत कृषि के डिजिटलीकरण के लिए जी-20 और अन्य देशों और संगठनों द्वारा किए गए नए प्रयासों को पहचानता है और उनकी सराहना करता है। भारत में 1.2 बिलियन से अधिक मोबाइल कनेक्शन और 1.20 बिलियन से अधिक यूनिक आईडी-आधार धारकों के रूप में सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्ट है। हमने किसानों को 120 मिलियन मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी ताकत फसलों, बागवानी, पशुधन, मत्स्य पालन, मिट्टी और जल विशेषज्ञता / कृषि मशीनरी, और किसानों की पहुंच के लिए डोमेन विशेषज्ञता के साथ आईसीएआर संस्थानों और केवीके की अखिल भारतीय उपस्थिति है। इस अनूठी ताकत का उपयोग पौधों, जानवरों, मनुष्य और मशीन के साथ आईसीटी इंटरफेस प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत ने प्राकृतिक खेती रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती शुरू की है। हमें जी 20 देशों और दुनिया भर में खेती को आसान बनाने के लिए उभरती हुई डिजिटल तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। भारत को अन्य देशों, विशेष रूप से विकासशील देशों के साथ इस संबंध में अपनी विशेषज्ञता साझा करने में खुशी होगी। हम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार और पोषण संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बायो-फोर्टिफाइड फसल किस्मों की ओर बढ़ रहे हैं।

बैठक के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करने के बाद केन्द्रीय मंत्री जनरल (रि.) वीके सिंह ने पत्रकारों को बताया कि काशी से दुनिया भर में एक अभियान शुरू किया जा रहा है। मां अन्नपूर्णा की नगरी काशी से विश्व को उनके फूड स्टाइल से स्वस्थ रखने का संदेश दिया जाएगा। भारत सरकार काशी से पोषण, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ाने का प्रस्ताव दुनिया के सामने रख रही है। बैठक में मोटे अनाजों के बढ़ते बाजार के साथ हेल्थ और इसके इकोनॉमिक बेनिफिट्स को समझेंगे।

बैठक में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के कृषि विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। 19 अप्रैल तक चलने वाले जी-20 बैठक में कृषि, कृषि शिक्षा, अनुसंधान आदि विषयों पर कृषि वैज्ञानिक विमर्श करेंगे। इस बैठक से भारत समेत दुनिया के 20 विकासशील देशों में वैश्विक कृषि के विकास का नया खाका वाराणसी में तैयार होगा।

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