वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
वाराणसी : (Varanasi) कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस (Varanasi Commissionerate Police) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी सरगना शुभम जायसवाल समेत चार फरार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस, वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य गंभीर मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की गई है। लुकआउट नोटिस जिन आरोपियों के खिलाफ जारी किया गया है, उनमें शुभम जायसवाल के अलावा आकाश पाठक, दिवेश जायसवाल और अमित जायसवाल शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल (Police Commissioner Mohit Agarwal) ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों की तलाश में गठित एसआईटी लगातार दबिश दे रही है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी को आरोपियों के संबंध में कोई सूचना मिले तो पुलिस को अवगत कराएं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी कोडीन युक्त कफ सिरप (codeine-based cough syrup) की अवैध खरीद-बिक्री और फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के कारोबार से जुड़े हुए हैं। जांच में सामने आया है कि रांची स्थित फर्म शैली ट्रेडर्स का प्रोपराइटर शुभम जायसवाल है, जबकि डीएसए फार्मा का प्रोपराइटर दिवेश जायसवाल बताया जा रहा है। अन्य आरोपियों में सोनिया के काजीपुरा खुर्द निवासी अमित जायसवाल और सिद्ध माता लेन, गोलघर निवासी आकाश पाठक शामिल हैं। आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस पहले ही 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है। इस पूरे अवैध नेटवर्क की जांच में ड्रग विभाग से भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
एसआईटी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दिवेश जायसवाल और अमित जायसवाल शहर के नवयुवकों के नाम पर फर्जी फर्में खुलवाते थे। इन फर्मों के बैंक खाते, जीएसटी पंजीकरण और अन्य जरूरी दस्तावेज आरोपी अपने कब्जे में रखते थे। बोगस तरीके से ई-वे बिल तैयार कर कोडीन कफ सिरप की सप्लाई की जाती थी। बदले में जिन युवकों के नाम से फर्में खोली जाती थीं, उन्हें हर महीने 40 से 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।


