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Varanasi : नए शैक्षिक सत्र के ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ

Varanasi: Launch of the ‘School Chalo Abhiyan’ for the New Academic Session

वाराणसी : (Varanasi) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय (Composite School located in Shivpur, Varanasi) से प्रदेशव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान’ (‘School Chalo Abhiyan’) की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री या प्रमाणपत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के संस्कार निर्माण और राष्ट्र के विकास का आधार है।

उन्होंने यह भी बताया कि बजट में कस्तूरबा गांधी विद्यालयों (Kasturba Gandhi Schools) के विस्तार के साथ श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय (Atal Residential Schools) संचालित किए जा रहे हैं। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘बाल वाटिका’(‘Bal Vatika’) विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है।

जिम्मेदारियों का निर्वहन करें शिक्षक
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को महत्व’पूर्ण बताते हुए कहा कि यदि वे अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन करें, तो शिक्षा व्यवस्था के परिणाम और बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’(‘Operation Kayakalp’) के तहत 1.36 लाख से अधिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जबकि ‘निपुण’ (‘NIPUN’) पहल से बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा के प्रति रुचि और समझ बढ़ी है।

ड्राप आउट दर शून्य करने का लक्ष्य
उन्होंने पूर्व की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले कई विद्यालय जर्जर हालत में थे और छात्र संख्या घट रही थी। इस पर उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में सीखने की जिज्ञासा बढ़ाना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक और आर्थिक समानता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं और ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से घटकर लगभग 3 प्रतिशत तक आ गई है, जिसे आगे शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है।

घर-घर जाकर सुनिश्चित कराएं नामांकन
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे घर-घर संपर्क कर अधिकतम नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 से 15 जुलाई तक संचालित होगा।

इस अवसर पर निपुण विद्यालयों, मेधावी छात्रों और नवप्रवेशी बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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