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Varanasi : किसान मेला में किसानों ने ग्राफ्टिंग सब्जी टेक्नोलॉजी में दिखाई रूचि, श्री अन्न का लगा स्टाल

15000 ड्रोन दीदी बनाने की जानकारी दी गई,इसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण होगा

वाराणसी : रोहनिया शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर)परिसर में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय किसान मेला के दूसरे दिन रविवार को 2800 से अधिक किसानों,महिलाओं के साथ स्कूली विद्यार्थियों ने भी भागीदारी की। मेले में दो सत्रों में किसानों से विशेषज्ञों ने परस्पर संवादात्मक शैली में विमर्श किया। 18 कृषि विशेषज्ञों ने ‘लर्निंग बाई डूइंग’ विधा में व्याख्यान देकर किसानों को कृषि उत्पादन में वृद्धि का उपाय बताया। उद्यमिता विकास, वित्तीय साक्षरता एवं आय उन्नयन पर चर्चा के साथ मशरुम उत्पादन ,कुक्कुट पालन,मछली पालन एवं उसके व्यवसाय से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया।

उप महानिदेशक, कृषि प्रसार आइसीएआर डॉ. यू एस गौतम ने कहा कि देश में कृषि उत्पादन में वृद्धि करने की दिशा में संस्थान निरंतर बेहतर प्रयास कर रहे है। परन्तु उपयुक्त एवं कारगर तकनीकियों को किसानों तक पहुँचाने और उसे आत्मसात किये जाने की आवश्यकता है, जिसमें क्षेत्रीय किसान मेला की भूमिका सार्थक रूप से सामने आती है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हुए ही कृषि क्षेत्र में आकर्षित करने की भारत सरकार की योजना आर्या (अट्रेक्टिंग रूरल यूथ इन एग्रीकल्चर) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से 15000 ड्रोन दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है । जिस पर व्यापक ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है और इसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण होगा।

मेले में कृषि विशेषज्ञ डॉ. सुदर्शन मौर्य,ओड़िशा के डॉ. सूर्यकान्त मिश्र,पशु रोग विज्ञानी डॉ. एन. के सिंह ( विभागाध्यक्ष, आइवीआरआई),डॉ. पी के प्रधान, डॉ. आर के मित्तल, वैज्ञानिक डॉ मंजुनाथ गौड़ा ने भी किसानों को तकनीकी जानकारी देने के साथ आय बढ़ाने का तरीका बताया।

चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि विश्विद्यालय, कानपुर के कुलपति डॉ आनंद कुमार सिंह ने कहा कि कृषि ग्रामीण आबादी जो अभी भी भारत में एक बड़ी जनसंख्या है, के आत्म निर्भर होने का प्रमुख आधार है। संस्थान के निदेशक डॉ तुषार कान्ति बेहेरा ने अतिथियों का स्वागत कर सब्जियों की खेती से उद्यमिता विकास की जानकारी दी। मेले में श्री अन्न का स्टाल रहा आकर्षण का केन्द्र रहा। किसानों ने ग्राफ्टिंग सब्जी टेक्नोलॉजी में विशेष रूचि दिखाई। संत अतुलानंद स्कूल, हरहुआ के छात्र-छात्राओं को कृषि क्षेत्र में करियर एवं स्व-रोजगार के विषय में बताया गया।

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