
प्रयागराज : (Prayagraj) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाएं (Uttar Pradesh Board of Secondary Education’s high school and intermediate examinations) 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। इस वर्ष प्रदेशभर में 8,033 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कुल 53,37,778 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सचिव भगवती सिंह (Secretary Bhagwati Singh) ने प्रयागराज में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि परीक्षा दो पालियों में होगी—प्रथम पाली सुबह 8:30 से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक।
राज्य स्तरीय नियंत्रण व्यवस्था
परीक्षा की पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज स्थित बोर्ड मुख्यालय (Board headquarters in Prayagraj) के साथ-साथ लखनऊ में निदेशक के शिविर कार्यालय पर राज्य स्तरीय कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग लखनऊ में दो तथा प्रयागराज में एक नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। जनपद स्तर पर सचल दल, पर्यवेक्षक तथा क्षेत्रीय एवं मंडलीय कार्यालयों के माध्यम से निरंतर निरीक्षण की व्यवस्था की गई है।
222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील केंद्र
कुल 8,033 केंद्रों में से 222 को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। 18 जनपदों को विशेष रूप से संवेदनशील घोषित कर अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। इन केंद्रों पर पुलिस निगरानी बढ़ाई गई है तथा अति संवेदनशील केंद्रों का प्रतिदिन दो बार निरीक्षण अनिवार्य किया गया है। संवेदनशील जनपदों और केंद्रों की सूची उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और एलआईयू (Uttar Pradesh Special Task Force and the LIO) को भी सौंपी गई है।
उत्तर पुस्तिकाओं में किया गया बदलाव
इस वर्ष पहली बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की ए एवं बी उत्तर पुस्तिकाएं अलग-अलग रंगों में छापी गई हैं। कॉपियों का प्रारूप पोर्ट्रेट साइज (ए-4 शीट जैसा) किया गया है। प्रत्येक उत्तर पुस्तिका पर बाईं ओर परीक्षा केंद्र का यूनिक नंबर अंकित बॉक्स जोड़ा गया है, ताकि किसी प्रकार की अदला-बदली की संभावना समाप्त हो सके।
नकलची एक साल तक नहीं दे पाएंगे परीक्षा
नकलविहीन परीक्षा के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं। नए कानून के तहत नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को उस वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा और एक वर्ष तक परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा। वहीं नकल कराने, प्रेरित करने या परीक्षा कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध न्यूनतम सात वर्ष कारावास और एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जा रहे हैं।


