
लखनऊ : (Lucknow) उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र (Uttar Pradesh Legislative Assembly budget session) के चौथे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी की सदस्य डॉ. रागिनी के सवाल पर औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ (Industrial Development Minister Nand Gopal Gupta ‘Nandi’) ने जवाब दिया। सवाल करने वाली सदस्य ने सरकार के उत्तर से असहमति जताई तो संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना (Parliamentary Affairs Minister Suresh Khanna) ने उत्तर दिया।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना (Parliamentary Affairs Minister Suresh Khanna) ने बताया निवेश में तीन स्टेज होती है। पहली स्टेज एमओयू, फिर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी और उसके बाद धरातल पर उतारने की बारी आती है। निवेश के लिए जो आता है वह हर प्रकार से तैयारी करता है। खोजबीन करता है। कानून व्यवस्था देखते हैं। कच्चे माल की उपलब्धता देखते हैं। फिर निवेश करते हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि 12 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आ गया। चार लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आ गए हैं। 15 लाख से अधिक कर्मकारों को रोजगार मिला है। रोजगार मिलने का प्रमाण है। कमर्चारी भविष्य निधि संगठन 2017 के पहले 21 लाख 24 हजार थी। आज 40 लाख 20 हजार हो गयी है।
राष्ट्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल ग्रोथ (National industrial growth) 11.9 है। यूपी की यही ग्रोथ 25 फीसदी है। यह सब आंकड़े कहते हैं कि उत्तर प्रदेश की क्या स्थिति है। सदस्य के निजी क्षेत्र में दलितों, पिछड़ों को नौकरी मिलने के सवाल पर खन्ना ने कहा कि निजी उद्योग क्षेत्र में कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से नौकरी देती हैं। यहां आरक्षण के तहत किसी को नौकरी पर नहीं रखा जाता लेकिन सरकार के यह आंकड़े कहते हैं कि निवेश आये हैं और लोगों को नौकरियां मिली हैं। उल्लेखनीय है कि कल 11 फरवरी काे राज्य का बजट पेश किया गया था।


