
उल्हासनगर : उल्हासनगर मनपा के प्रभाग अधिकारी अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करते हैं जिसके चलते आज उल्हासनगर में जगह जगह अवैध निर्माण हो रहे है। दिखाने के लिए तो प्लान पास करवाया जाता है और उसकी आड़ कई मंजिला अवैध निर्माण किया जाता है ।इसका परिणाम उस व्यक्ति को भुगतना पड़ता है जो व्यक्ति इन अवैध निर्माणों में फ्लैट या दुकान खरीदता है।
मिली जानकारी के अनुसार बैरेक नंबर 215,रूम 1 पर कई मंजिले की बिल्डिंग बनाई गईं है दिखाने के लिए यहाँ पर प्लान पास मनपा से करवाया गया है लेकिन दो मंजिला की जगह यहाँ पर सात मंजिले की बिल्डिंग खड़ी कर दी गई है उल्हासनगर मनपा ने इस बिल्डिंग के मामले में दिलीप चंचलदास गुगरु को 24 दिसंबर 2022 को नोटिस दिया है और खास बात यह है कि जिस जगह पर यह बिल्डिंग बनी है उस जगह को दिलीप गुगरु ने सन 2012 में बेच दिया है।लेकिन यह प्लान दिलीप गुगरु के नाम पर ही पास कराया गया है जो मनपा के साथ एक धोखाधड़ी है । मनपा जब इस बिल्डिंग को दिलीप घूंगरू के नाम से नोटिस दिया तब इस नोटिस को मनोज पंजवानी नामक एक व्यक्ति ने रिसीव किया है जिसका नोटिस पर हस्ताक्षर है कि उसे नोटिस प्राप्त हुई है जबकि इस बिल्डिंग का मालिक और ठेकेदार मनोज पंजवानी ही बताया जा रहा है मनपा द्वारा नोटिस तो दी गई लेकिन आज तक अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई इस बारे में राष्ट्रवादी पार्टी के पूर्व नगर सेविका किरण माखिजा के पति कारी माखिजा नेआला अधिकारियों से शिकायत की है। इस अवैध निर्माण पर कार्यवाही की जाए। इसी तरह प्रभाग समिति 2,

ठाकुर स्टूडियो के सामने गली में बैरक नंबर 336 बैरक नंबर 334 के पास तबेले की जगह पर अवैध निर्माण किया जा रहा है यह अवैध निर्माण कई महीनों से यहां पर चल रहा है लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा आज तक इस अवैध निर्माण पर कोई कारवाई नहीं की गई यहां तक जिन अवैध निर्माणों पर दिखाने के लिए कार्यवाही की गई थी वहीं अवैध निर्माण उल्हासनगर में फिर से शुरू हो गया है इसलिए उल्हासनगर वासी कहते हैं कि उल्हासनगर मनपा अवैध निर्माणों के ऊपर कार्रवाई नहीं करती है क्योंकि उन अवैध निर्माणों से प्रभाग अधिकारियों और बीट मुकदमों की सांठगांठ होती है जिसके चलते उल्हासनगर मैं अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होती है। बात नहीं बनने पर जिन अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाती है वहीं अवैध निर्माण उल्हासनगर में कुछ दिनों के बाद फिर शुरू हो जाते हैं और अपनी जगह पर अवैध निर्माण उल्हासनगर फिर खड़े नजर आते हैं। बता दे कि उल्हासनगर में 855 बिल्डिंगों को तोड़ने का आदेश न्यायालय ने दिया था और न्यायालय ने यह भी कहा था कि अब अवैध निर्माण उल्हासनगर में नहीं होना चाहिए लेकिन आदेशों को उल्हासनगर के भू माफिया नहीं मानते हैं उल्हासनगर में भू माफिया जमकर अवैध निर्माण करते हैं क्योंकि उल्हासनगर मनपा अवैध निर्माणों पर कोई कार्यवाही नहीं करती है बल्कि उन्हें सरंक्षण देती है जिसके चलते आज उल्हासनगर में अवैध निर्माण बनते ही जा रहे है।


