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Ujjain : पुलिस के हत्थे चढ़ा उत्तरप्रदेश एवं बिहार से ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह

उज्जैन : पुलिस ने एक अंतराज्यीय गिरोह के 05 सदस्य गिरफ्तार किये हैं। ये डिजीटल अरेस्ट का भय दिखाकर ऑनलाइन ठगी करते थे। इन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा (डॉलर्स) , डिजिटल करंसी (क्रिप्टो करंसी) का भी उपयोग किया।

एसपी हेमंत शर्मा ने मंगलवार को बताया कि ये फरियादी के बैंक खाते में अन्य धोखाधडी का रुपया ऑनलाईन ट्रांसफर होना बताकर जालसाजी करते थे। सी.बी.आई में प्रकरण दर्ज होना बताकर डिजीटल अरेस्ट का भय दिखाते थे। गिरफ्तारी का डर दिखाकर इन्होंने एक आवेदक से दो करोड आनलाईन ट्रांसफर करवाये। व्हाट्स-अप प्रोफाईल पर महाराष्ट्र पुलिस का लोगो लगाकर फरियादी को धमकी भी दी। स्वयं को सी.बी.आई एवं महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताकर व्हाट्स-अप कॉल करते थे। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के विभिन्न विभागों के फर्जी लेटर हेड पर इन्होंने फरियादी को फर्जी अरेस्ट ऑर्डर भेजा। जांच में मुख्य संदिग्ध के बिहार स्थित बैंक खाते से अन्य राज्यों जैसे दिल्ली ,राजस्थान,गुजरात,महाराष्ट्र,उत्तर-प्रदेश के कई बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर होना पाया गया। जालसाजों द्वारा विभिन्न बैंकों की अलग-अलग शाखाओं के लगभग 40 बैंक खातों उपयोग किया गया। धोखाधड़ी के लिये उपयोग किये गये कुल 10 मोबाईल आरोपीयों से जब्त किये गए हैं। अभी तक की जांच में उक्त गिरोह कई लोगों से करोड़ो रुपए की ऑनलाईन ठगी कर चुका है।

गौरतलब है कि 12 अप्रैल,24 को व्यवसाय़ी फरियादी राजकमल (परिवर्तित नाम) निवासी उज्जैन ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि अज्ञात मोबाईल धारकों द्वारा अलग-अलग मोबाईल नंबरों से कॉल कर जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के द्वारा किये गये फ्रॉड का रुपया फरियादी के बैंक खाते में आना बताया एवं उसका प्रकरण सी.बी.आई में दर्ज होना बताया , जिसका इनवेस्टीगेशन सी.बी.आई के द्वारा किया जा रहा है । कॉलर के व्हाट्स-अप पर महाराष्ट्र पुलिस का लोगो लगा था तथा व्हाट्स-अप पर उन्होंने गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के विभिन्न विभागों के लेटर पर दिया गया अरेस्ट ऑर्डर, गोपनीय समझौतों की सहमति का एग्रीमेंट एवं सीबीआई के अधिकारी के हस्ताक्षरित लेटर फरियादी को भेजे गये। गिरफ्तारी के डर से फरियादी ने आर.टी.जी.एस. के माध्यम से दो करोड़ रुपये जालसाजों के द्वारा दिये पंजाब नेशनल बैंक शाखा नालंदा के खाते में ऑनलाईन ट्रांसफर कर दिये। आरोपीयों द्वारा फरियादी को इस बात का विश्वास दिलाया गया कि जैसे ही प्रकरण में यह बात क्लीयर हो जाएगी की नरेश गोयल का धोखाधड़ी का रुपये फरियादी के खाते में नहीं आया है, फरियादी को उसका पूरे रुपये वापस कर दिये जायेंगे ।

पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) गुरु प्रसाद पाराशर , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पूर्व )जयंत राठौर के मार्गदर्शन में सी.एस.पी माधवनगर दीपिका शिंदे के नेतृत्व में थाना प्रभारी माधवनगर राकेश भारती, सायबर प्रभारी प्रतीक यादव को घटना के संबंध में अपराध दर्ज कर आरोपीयों की त्वरित गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया गया ।

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना माधवनगर में अपराध धारा 419,420 का दर्ज कर विवेचना में लिया गया । प्रकरण में धोखाधड़ी करने के लिये आरोपीयों द्वारा तकनीकी माध्यमों का ही उपयोग किया गया है, अतः सी.एसी.पी माधवनगर के नेतृत्व में थाना माधवनगर ,आई.टी सेल, सायबर सेल, क्राईम ब्रांच की टीमों को तकनीकी जानकारी एकत्रित करने , आरोपीयों की पहचान स्थापित करने एवं उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तारी करने हेतु अलग-अलग टीमें बनाकर कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया ।

टीमों द्वारा घटना में उपयोग किये गये मोबाईल नम्बरों,व्हाट्स-अप नम्बरों एवं संदिग्ध बैंक खातों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। आरोपीयों द्वारा धोखाधड़ी की राशि पंजाब नेशनल बैंक शाखा नालंदा बिहार के मुकेश इंटरप्राईजेस के खाते में ट्रांसफर होना पाया एवं उक्त खाते से अलग –अलग राज्यों के विभिन्न बैंकों के लगभग 40 बैंक खातों में धोखाधड़ी की राशि ऑनलाईन ट्रांसफर होना पाया । आई.टी टीम द्वारा बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर बेनिफिशियरी खातों के संबंधित बैंक के, व्हाट्सअप एवं गूगल के नोडल अधिकारियों से जानकारीयां एकत्रित की गई।

टीमों द्वारा एकत्रित की गई जानकारी से घटना घटीत करने वाले आरोपीगण उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य से होना पाया गया। संदिग्ध नाम-पतों की तस्दीकी एवं आरोपीयों की पतारसी हेतु सायबर सेल, अपराध शाखा एवं थाना माधव नगर थाने की तीन संयुक्त टीमें रवाना की गई । टीमों द्वारा की गई कड़ी मेहनत एवं अथक प्रयासों से अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है ।

ठगी गई राशि पंजाब नेशनल बैंक शाखा नालंदा के खाता धारक मुकेश इंटरप्राईजेस के नाम से पाया जो मुकेश कुमार पिता रामचंद्र सॉ उम्र 35 वर्ष निवासी भैंसासुर, नालंदा बिहार के द्वारा खुलवाया गया था । मुकेश द्वारा अपने दोस्त अमरेंद्र कुमार (बाहुबली) S/O ब्रजनंदन प्रसाद उम्र 23 साल निवासी ग्राम बारापुर पोस्ट बारापुर थाना नुरसराय जिला नालंदा बिहार के कहने पर ठगी करने के लिये बैंक खाता खुलवाया गया तथा बैंक खाते के दस्तावेज, रजिर्स्टड सिम व नैट बैंकिग के लॉगिन आईडी पासवर्ड अमरेंद्र कुमार ( बाहुबली ) के साथ उसके दोस्त अनिल कुमार यादव पिता – भेरूसिंह यादव उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम नवादा थाना एलाऊ जिला मेनपुरी (उ.प्र.) को दिये थे । जिसके ऐवज में अनिल द्वारा ठगी की जो राशि मुकेश के बैंक खाते में जमा होगी उसका 4-5 प्रतिशत मुकेश एवं अमरेन्द्र को दिया जावेगा । अमरेन्द्र द्वारा औऱ भी कई लोगों के बैंक खाते अनिल को उपलब्ध कराए गये हैं जिसके संबंध में जांच की जा रही है। आरोपी अमरेंद्र एवं अनिल का परिचय वर्ष 2022 में कानपुर जेल में हुआ था उस समय अनिल द्वारा अमरेंद्र को ठगी के लिये बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात कही थी ।

आरोपी अनिल कुमार यादव पिता भेरूसिंह यादव उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम नवादा थाना एलाऊ जिला मेनपुरी (उ.प्र.) द्वारा मुकेश की रजीस्टर्ड सीम व नैट बैंकिग के लॉगिन आईडी पासवर्ड उसके दोस्त शरद पांडे पिता अमोद पांडे उम्र 30 वर्ष निवासी कुशमरा निरीक्षण भवन के पास मैनपुरी (उ.प्र.) को देना बताया।

आरोपी शरद पांडे द्वारा रूपये कमाने की इच्छा से फेसबुक पर रेंट अकाउंट नाम से पेज सर्च किया और उसकी तकनीक के बारे में सीखा तथा इसी ग्रुप में उसे शिवम नाम का व्यक्ति मिला जिससे मेसेंजर के माध्यम से शरद की चैट होने लगी । शरद द्वारा अन्य लोगों के बैंक खातों की डिटेल जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, चैकबुक, एटीएम के स्क्रीनशॉर्ट एवं नेट बैकिंग का लॉगिन आई डी पासवर्ड वाट्सअप पर तथा रजीस्टर्ड मोबाईल की सीम शिवम को उपलब्ध कराए गए। मुकेश के द्वारा वॉटसअप पर AMMF orwerd एप्लीकेशन भेजकर मुकेश के बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाईल नबंर जो शरद द्वारा उपयोग किया जा रहा था पर उक्त एप्लीकेशन के माध्यम से शरद के मोबाईल पर आए हुए ओटीपी से मुकेश के बैंक खाते में जमा प्रकरण की धोखाधड़ी की राशि रिमोट आपरेटिंग के माध्यम से ऑनलाईन ट्रांसफर किये गये । आरोपी शिवम द्वारा आरोपी शरद को 80000 रुपये बैंक खाते में तथा BINANCE APP के माध्यम से 4200 डॉलर अनिल एवं अमरेंद्र को दिये गये ।

प्रकरण में आरोपी शाहनवाज आलम पिता मुन्ना आलम उम्र 18 साल निवासी ग्राम किंजर थाना किंजर जिला अरबल बिहार फेसबुक पर मेसेंजर के माध्यम से रेंट पर खाते लेने व देने का कार्य करता है और रजीस्टर्ड सीम पर आये ओटीपी व वाट्सअप के ओटीपी मेसेंजर के माध्यम से उसके परिचित शिवम को दे देता है और बैंक खाते में जमा फ्राड राशि पर कमीशन प्राप्त करता है । अन्य खाताधारको एवं मोबाईल नंबर धारकों के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है ।

आरोपीयों द्वारा भारत के कई राज्यों के लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की गई है जिसके संबंध में आरोपीयों के बैंक खातों से जानकारी लेकर संबंधित व्यक्तियों एवं पुलिस से संपर्क कर घटनाओं की जानकारी ली जावेगी, साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकार्ड भी संग्रहित किये जा रहे हैं।

▪️आरोपीयो का विवरण –

1.मुकेश कुमार पिता रामचंद्र सॉ उम्र 35 वर्ष निवासी भैंसासुर, नालंदा बिहार

2.अमरेंद्र कुमार (बाहुबली) S/O ब्रजनंदन प्रसाद उम्र 23 साल निवासी ग्राम बारापुर पोस्ट बारापुर थाना नुरसराय जिला नालंदा बिहार

3.अनिल कुमार यादव पिता – भेरूसिंह यादव उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम नवादा थाना एलाऊ जिला मेनपुरी (उ.प्र.)

4.शरद पांडे पिता अमोद पांडे उम्र 30 वर्ष निवासी कुशमरा निरीक्षण भवन के पास मैनपुरी (उ.प्र.)

5.शाहनवाज आलम पिता मुन्ना आलम उम्र 18 साल निवासी ग्राम किंजर थाना किंजर जिला अरबल बिहार

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