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Ujjain : नागपंचमी पर्व शुक्रवार को, वर्ष में एक बार खुलेंगे भगवान नागचन्‍द्रेश्‍वर के पट

उज्जैन : शुक्रवार 09 अगस्‍त को नागपंचमी पर्व मनाया जाएगा। उज्जैन में इस पर्व का विशेष महत्व है। यहां श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के द्वितीय तल पर श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर है। इस मंदिर में दर्शन के लिए पट वर्ष में एक बार 24 घंटे सिर्फ नागपंचमी के दिन खुलते है। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है।

श्री महाकाल मंदिर के गर्भगृह के उपर ओंकरेश्‍वर मंदिर और उसके ऊपर श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर का मंदिर प्रतिष्‍ठापित है। श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर मंदिर में परमारकालीन११ वीं शताब्‍दी की एक अद्भुत प्रतिमा स्‍थापित है। प्रतिमा में श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर स्‍वयं अपने सात फनों से सुशोभित हो रहे है। साथ में शिव-पार्वती के दोनों वाहन नंदी एवं सिंह भी विराजित है। इसीप्रकार श्री गणेश की ललितासन मूर्ति, उमा के दांयी ओर कार्तिकेय की मूर्ति व उपर की ओर सूर्य-चन्‍द्रमां भी अंकित है। इस प्रकार श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर की मूर्ति अपने आप में भव्‍य एवं कलात्‍मकता का उदहारण है। भगवान के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए है।

मान्यता हैं कि यह प्रतिमा नेपाल से उज्जैन लाई गई थी। उज्‍जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है। इस प्रतिमा के दर्शन के उपरांत अंदर प्रवेश करने पर श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर की मुख्‍य प्रतिमा (शिवलिंग) के दर्शन होते हैं।

गुरुवार रात्रि को खुलेंगे पट

08 अगस्‍त, गुरुवार की रात्रि 12 बजे पट खुलेंगे। पट खुलने के बाद रात्रि 12 बजे परंपरानुसार महानिर्वाणी पंचायती अखाड़ा के महंत विनित गिरी विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। पश्चात आम भक्‍तों के लिये मंदिर में प्रवेश शुरू हो जाएगा,जो शुक्रवार रात्रि 12 बजे पूजन के पूर्व तक जारी रहेगा। मंदिर के पट शुक्रवार की रात्रि 12 बजे बंद होंगे।

भगवान की होगी त्रिकाल पूजा

नागपंचमी पर्व पर भगवान श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर की त्रिकाल पूजा होगी। जिसमें गुरुवार 08 अगस्‍त की मध्यरात्रि 12 बजे पट खुलने के पश्‍चात श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाडे के महंत विनितगिरी एवं श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति कलेक्‍टर एवं अध्‍यक्ष नीरज कुमार सिंह द्वारा प्रथम पूजन व अभिषेक किया‍ जाएगा।

शुक्रवार दोपहर 12 बजे अखाडे द्वारा पूजन होगा। वहीं श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुक्रवार को श्री महाकालेश्‍वर भगवान की सायं आरती के पश्‍चात श्री नागचन्‍द्रेश्‍वर की पूजन-आरती श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों द्वारा की जाएगी।

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