उज्जैन : शिप्रा नदी में पिछले 12 दिन में छह लोगों की डूबने से मौत होने तथा पिछले चार दिन से लगातार डूबने से चार मौत होने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने रामघाट और अन्य प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने सिद्धआश्रम के क्षेत्र में लगातार डूबने से मौत होने के चलते यहां नहाने पर रोक लगा दी।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने रामघाट और अन्य प्रमुख घाटों का निरीक्षण कर नदी का जल स्तर कम करने और सभी घाटों पर जलस्तर एक जैसा बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने घाटों पर सीढिय़ों पर फिसलन होने पर साफ-सफाई के निर्देश दिये। उन्होंने नगर सेना के जिला सेनानी संतोष कुमार जाट से पूछा कि यहां पर कितने जवान तैनात हैं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि सिद्धाश्रम घाट पर सबसे ज्यादा डूबने की घटनाएं होती हैं। कलेक्टर ने यहां स्नान पर हमेशा के लिये रोक लगाये जाने के निर्देश दिये तथा यहां मना करने पर भी स्नान करने वाले पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सिद्धाश्रम घाट पर परमानेंट बेरिकेटिंग कराने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि नगर सेना के जवान पर्याप्त संख्या में विभिन्न घाटों के आसपास मौजूद रहें। स्नान के लिये आने वाले श्रद्धालुओं को बार-बार सिटी बजाकर चेतावनी दी जाये। नगर सेना के जवान नाव में बैठकर नदी के बीचोंबीच गश्त लगाऐं। सभी घाटों पर जल स्तर को वर्तमान स्तर से एक फुट कम करने के निर्देश दिए। घाटों पर लोहे के पाईप लगवाने, जीवन रक्षक जैकेटों की संख्या बढ़ाने को कहा। कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त ने नाव में बैठकर नृसिंह घाट का अवलोकन किया।


