
ठाणे : महाराष्ट्र के भविष्य और विकास को प्रभावित करने के लिए ठाकरे परिवार की ओर से जो साजिश की जा रही है, वह चिंता का विषय है। ठाकरे परिवार महाराष्ट्र को ना केवल भारतीय बल्कि विश्व स्तर पर भी बदनाम कर रहा है। जिस तरह की संभ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश ठाकरे परिवार की ओर से किया जा रहा है, वह निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। इन बातों का जिक्र करते हुए भाजपा के ठाणे शहर जिला अध्यक्ष व विधायक निरंजन डावखरे ने आरोप लगाया है कि ठाकरे पिता-पुत्र सत्ता गंवाने के बाद राजनीतिक वेदनि की स्थिति से गुजर रहे हैं। जिस कारण राज्य की सत्तारूढ़ सरकार को अस्थिर करने की कोशिश हर स्तर पर ठाकरे परिवार की ओर से पिता और पुत्र दोनों मिलकर हर रहे हैं। पिता पुत्र की अनर्गल बयानबाजी से महाराष्ट्र की छवि संसार में खराब हो रही है।
कहा गया है कि गत ढाई साल के शासनकाल के दौरान महाराष्ट्र की सत्ता भोगने वाली महाविकास आघाडी सरकार की असफलता को दबाने के लिए वर्तमान सरकार पर अनर्गल आरोप लगाया जा रहा है । इन बातों का जिक्र करते हुए डावखरे ने कहा कि फॉक्सकॉन और वेदांता प्रोजेक्ट के गुजरात जाने के लिए पूरी तरह महा विकास आघाडी सरकार ही जिम्मेदार रही है। लेकिन इसे दबाने की कोशिश उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे कर रहे हैं। लेकिन जनता इस सच्चाई को जानती है। इसकी कीमत उन्हें अवश्य चुकानी होगी। इसमें किसी तरह का संशय नहीं है।
आने वाले उद्योग धंधों की संभावना पर भी विराम लगने की आशंका
निरंजन डावखरे ने कहा है कि जिन उद्योगों का महाराष्ट्र से किसी भी तरह का संबंध नहीं रहा है, वैसे उद्योगों की सूची बनाकर ठाकरे पिता-पुत्र द्वारा प्रस्तुत किया जाना चिंता का विषय है । जिस कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र को लेकर संभ्रम की स्थिति बन रही है । ऐसी हरकतों से महाराष्ट्र का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।आने वाले उद्योग धंधों की संभावना पर भी विराम लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वैसी वैसी योजनाओं का जिक्र किया जा रहा है जिसके लिए सरकार ने किसी तरह की कभी पहल ही नहीं की। डावखरे ने इस बात का विशेष जिक्र किया कि जब राज्य में ठाकरे सरकार थी तो उस समय भी योजनाओं को लेकर किसी भी तरह का सामंजस्य करार नहीं किया जा सका था। और इसके लिए पूरी तरह महाविकास आघाडी सरकार ही जिम्मेदार है । डावखरे ने इस बात को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की है कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र की बदनामी करने में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जुड़े हुए हैं , उससे भविष्य में आने वाले निवेश भी बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन ठाकरे पिता-पुत्र को महाराष्ट्र की परवाह नहीं वे निजी स्वार्थ में जो कुछ भी कर रहे हैं, वह महाराष्ट्र के लिए एक दर्द ही होगा । उन्होंने ठाकरे पिता-पुत्र को सलाह दी कि वे आत्म संयम बरतें । सत्ता चले जाने से सब कुछ नहीं चला जाता है। उन्होंने ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने जन भावनाओं को दरकिनार कर राज्य में महाविकास आघाडी सरकार का गठन किया । जिसकी कीमत आखिरकार उन्हें चुकानी पड़ी है।


