spot_img

THANE : महाविकास आघाडी का होगा सफाया : चंद्रशेखर बावनकुले

भाजपा अध्यक्ष बावनकुले की भविष्यवाणी

ठाणे : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने ठाणे शहर में भविष्यवाणी की कि वर्ष 2024 के आते-आते महाविकास आघाडी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इतना ही नहीं वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा को अपने सहयोगी दलों के साथ अपेक्षा से अधिक सफलता मिलेगी । जहां लोकसभा चुनाव में 45 सीट तो विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटों पर विजय हासिल होगी । इसकी 100% गारंटी है। बावनकुले आज ठाणे शहर में आयोजित पत्रकार परिषद के दौरान पार्टी नीति, रणनीति, सहयोगी दल और विरोधी दलों को लेकर सकारात्मक और नकारात्मक टिप्पणियां करते देखे गए । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा और सहयोगी दलों का भविष्य महाराष्ट्र में बेहतर और व्यापक है ।क्षइसे आने वाले समय में व्यापक चुनावी सफलता प्राप्त होगी। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।उन्होंने उद्धव ठाकरे समर्थकों के दल छोड़ने को लेकर कहा कि यह तो शुरुआत है। भिवंडी में भी नजारा देखने को मिल चुका है। ठाकरे समर्थक नगरसेवकों ने पार्टी छोड़ी है।

महाविकास आघाडी को चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार भी नहीं मिलेंगे
वर्तमान राज्य सरकार की स्थिरता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का नेतृत्व मजबूत हाथों में है। एक ओर जहां देवेंद्र फडणवीस तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक मर्द की तरह राज्य में कल्याणकारी सत्ता का संचालन कर रहे हैं। वही महाविकास आघाडी के अस्तित्व पर अपनी टिप्पणी करते हुए चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जल्द ही उसका नामोनिशान मिटने वाला है । स्थिति ऐसी है कि वर्ष 2024 आते-आते महाविकास आघाडी को चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार भी नहीं मिलेंगे । यह स्थिति वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों दर्शा रही है।दूसरी ओर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शरद पवार के बीच हुई मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है । राजनीतिक अस्तित्व बचाए रखने के लिए कभी भी कोई वर्तमान समीकरण चरमरा सकता है । इस बारे में वे और अतिरिक्त कुछ भी नहीं कर सकते। लेकिन इसके बाद भी यह मुलाकात निजी और राजनीतिक दोनों नजरिए से देखा जा सकता है। दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बावनकुले ने कहा कि यह शिविर अस्तित्व को बचाने हेतु आयोजित की जा रही है। इस शिविर का मतलब अपनी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भाजपा में जाने से रोकना है।

भाजपा में जाने से रोकने के लिए ही राष्ट्रवादी कांग्रेस का चिंतन शिविर
एनसीपी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को भाजपा में जाने से रोकने के लिए ही राष्ट्रवादी कांग्रेस का चिंतन शिविर आयोजित हो रहा है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की बेईमानी का बदला एकनाथ शिंदे ने लिया है । इसे नकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इस समय उद्धव ठाकरे बुरी तरह से शरद पवार के ट्रेप में फंस गए हैं । इस ट्रेप से बाहर निकलना उनके लिए संभव नहीं है।

Explore our articles