
ठाणे : सड़कों पर रहने वाले गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की पहल शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार की बाल स्नेही योजना के तहत मोबाइल बस सेवा का उद्घाटन जिलाधिकारी अशोक शिनगारे एवं अपर कलेक्टर मनीषा जयभाये-धुले के हाथों किया गया। बताया गया है कि यह अपनी तरह की पहली योजना है। सबसे अहम बात यह है कि बाल स्नेही योजना का शुभारंभ केंद्र सरकार की निधि से किया जा रहा है। इस योजना के तहत सड़क पर रहने वाले बच्चों को बसों से स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा।
बताया गया है कि जिले की सड़कों पर घूम रहे व रहने वाले बच्चों को शिक्षा व समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की एकीकृत बाल संरक्षण योजना के तहत मोबाइल टीम का प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेजा गया था। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी और 50 लाख का फंड दिया है। यह परियोजना पुणे, नासिक, मुंबई शहर और उपनगरों और नागपुर जिले के साथ राज्य के ठाणे जिले में लागू की जाएगी। इस टीम के लिए बाल स्नेही बस उपलब्ध कराई जाएगी और प्रदेश की इस पहली बस का बुधवार को ठाणे में उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी महेंद्र गायकवाड, रक्षा अधिकारी रामकृष्ण रेड्डी सहित अन्य उपस्थित थे। ठाणे जिलाधिकारी अशोक शिनगारे ने कहा कि इस बस में बच्चों को खाने और पढ़ाई में मदद की जाएगी। जिलाधिकारी के अनुसार एक बस में 25 बच्चों की क्षमता है और यह बस ठाणे जिले में छह स्थानों पर चलेगी। बस में एक काउंसलर, शिक्षक, ड्राइवर और केयरटेकर सहित चार कर्मचारी होंगे। गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से परियोजना कार्यान्वयन किया गया है। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से बस में सीसीटीवी और ट्रैकिंग सिस्टम भी उपलब्ध कराए गए हैं।


