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Thane : बांस के मंदिर में विराजित गणराया

ठाणे में पहली बार अनोखा मंदिर साकार

ठाणे : अब तक ठाणे शहर में जिसकी कल्पना नहीं की गई थी, वह नजारा गणेशोत्सव के दौरान शहर में देखा गया। पहली बार एक ऐसे मंदिर में भगवान गणपति विराजमान हुए जिस मंदिर का निर्माण बांस से किया गया है । इस भव्य मंदिर की विशेषता है कि इसमें किसी अन्य चीज का उपयोग नहीं हुआ है। सबसे अहम बात यह है कि यह मंदिर पूरी तरह फोल्डिंग है। इस मंदिर को खोलकर एक जगह से दूसरी जगह भी ले जाया जा सकता है। ऐसे मंदिर का निर्माण ठाणे मनपा के पूर्व सदस्य नंदकुमार फुटाणे ने अपने घर पर ही किया है।

ठाणे शहर के पारसिक नगर रेती बंदर में ठाणे मनपा के पूर्व सदस्य नंदकुमार फुटाणे के घर बांस के मंदिर में गणपति स्थापित हुए। पूरी तरह बांस से बना गणपति मंदिर भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। मंदिर के निर्माण में किसी भी तरह के धातु या रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं किया गया। नैसर्गिक तरीके से यह मंदिर बना है। मंदिर को लेकर जानकारी साझा करते हुए योगेश फुटाणे ने कहा कि यह मंदिर पूरी तरह फोल्डिंग है । मंदिर के हर टुकड़े को अलग किया जा सकता है और उसे फिर से जुड़ा भी जा सकता है इस मंदिर के निर्माण में सिर्फ बांस के टुकड़े का ही उपयोग किया गया है। वैसे खुली आंखों से देखने पर ऐसा लगता है कि यह मंदिर किसी पहाड़ी पर स्थापित मंदिर के जैसा आकर्षक है । बांस से बने मंदिर की रंगाई में भी नैसर्गिक रंगों का उपयोग किया गया है।

बांस को चीर कर यह मंदिर बनाया गया है। घर में स्थापित इस गणपति को देखने जो भी भक्तगण आते हैं, बांस मंदिर की भव्यता और आकर्षण को देख मोहित हो रहे हैं। योगेश फुटाणे ने बताया कि उनके इस मंदिर को देखकर भक्तगण काफी प्रभावित हैं। वे भी ऐसे मंदिर की चाह व्यक्त कर रहे हैं। दर्शन के लिए आने वाले कई भक्तों ने आग्रह किया कि गणपति विसर्जन के बाद वे यह मंदिर उन्हें दे दे। मंदिर अपनी सुंदरता और भव्यता के कारण किसी को भी आकर्षित कर रहा है।

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