ठाणे :(Thane) महाराष्ट्र में ठाणे जिले की एक अदालत (Maharashtra’s Thane district) ने एक लड़की का पीछा करने के आरोपी 30 वर्षीय शख्स को बरी कर दिया, क्योंकि मुकदमे के दौरान पीड़िता अदालत में पेश नहीं हुई।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मुकदमों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश वी वी वीरकर ने दो जनवरी को यह आदेश पारित किया। आदेश की प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।
अभियोजन के अनुसार, घटना के वक्त पीड़ित लड़की की उम्र 16 साल थी और वह भिवंडी की एक फैक्टरी में काम करती थी। पीड़िता आरोपी को जानती थी। जनवरी 2014 में आरोपी ने एक बस स्टॉप पर कथित तौर पर उसे रोका था और उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। लड़की के इनकार करने के बावजूद भी वह उसका पीछा करता रहा।
बहरहाल, लड़की और उसकी मां अपने बयान दर्ज कराने के लिए कभी अदालत में पेश नहीं हुईं। वे अपने घर के पते पर भी नहीं मिलीं। अदालत ने आरोपी शख्स को बरी करते हुए कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता की गवाही के बिना उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता।


