
तेहरान/तेल अवीव/ वाशिंगटन : (Tehran/Tel Aviv/Washington) ईरान की राजधानी तेहरान में इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमले के दौरान शनिवार सुबह शक्तिशाली विस्फोट हुए। तेहरान के कई हिस्सों में घना धुआं फैल गया। ईरान के कई दूसरे शहरों में भी हमला हुआ है। इजराइल सरकार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की जिम्मेदारी ली। तेहरान पर हमले के बाद ईरान ने इजराइल पर हमला कर दिया। वहीं एक धमाका सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei) के ठिकाने पर हुआ है। वह सुरक्षित हैं।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना, ईरानी अखबार शार्घ, अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन और द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के ठिकाने के पास जोरदार धमाका हुआ। इसके अलावा तेहरान में स्थित राष्ट्रपति के आवास और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दफ्तर के पास धमाके के बाद धुआं उठता देखा गया। बताया गया है कि ईरान में तेहरान के अलावा पांच और शहरों पर हमले हुए हैं। इनमें कॉम, इशफान, करमनशाह और कराज और लोरेस्तान शामिल है। इसके अलावा ईरान के अर्धसैनिक बल ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (Iranian Revolutionary Guard Corps) (IRGC) के खुफिया निदेशालय को भी निशाना बनाया गया है।
हमले के फौरन बाद ईरानी अधिकारियों ने कहा कि तेहरान जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है। जवाब बहुत बुरा होगा। बाद में सुबह करीब 10 बजे पूरे उत्तरी इजराइल में सायरन बजने लगे। बताया गया कि ईरान ने इजराइल को लक्ष्य कर मिसाइलें तैनात की हैं। मोसाद ने सुबह ईरानियों के लिए न्यूज अपडेट फॉलो करने के लिए फारसी भाषा का टेलीग्राम चैनल लॉन्च किया। बताया गया है कि खामेनेई तेहरान में नहीं हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (US President Trump) ने कहा है कि हमला नहीं रुकेगा। ट्रंप ने ईरान के लोगों से खामेनेई शासन को बदलने का आह्वान किया है। उन्होंने तेहरान पर यह भी आरोप लगाया कि वह काफी दिनों से परमाणु कार्यक्रम को शुरू करने के लिए संसाधन जुटा रहा था। इस बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिका और इजराइल को कड़ा जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इस बीच यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में जल मार्गों और इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले फिर से शुरू करने का फैसला किया है। ईरान पर हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर हमला ईरान से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए किया गया। उन्होंने सहयोग के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार भी जताया।
बताया गया है कि उत्तरी इजराइल में कई जगह ईरान ने बमबारी की है। इजराइल की सेना का कहना है कि ईरान से दागी गई मिसाइलें तेल अवीव की तरफ बढ़ रही थीं। इससे देश के कई इलाकों में सायरन बजने लगे। ईरान के हमले में किसी नुकसान या किसी के हताहत होने के बारे में तुरंत कोई सूचना नहीं है।
संघर्ष के बीच भारत से इजराइल की राजधानी तेल अवीव जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट वापस लौट आई है। एअर इंडिया ने इजराइल का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अपनी दिल्ली-तेल अवीव उड़ान को मुंबई की ओर मोड़ दिया। भारत ने तनाव के बीच अपने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया है। भारतीय दूतावास ने कहा कि इजराइल में मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बहुत सावधानी बरतें और हर समय चौकन्ने रहें।
उधर, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बन सकता है। हम ईरान की नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं। हम ईरान की मिसाइलों को तबाह कर देंगे। तेहरान ने कहा कि लड़ाई अब बंद नहीं होगी। ईरान पर लड़ाकू विमानों और मिसाइलों से जारी हमले के बीच सर्वोच्च नेता खामेनेई (Supreme Leader Khamenei) को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।


