
तेहरान : (Tehran) पश्चिम एशिया में पिछले 27 दिनों से जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-18 को चाबहार क्षेत्र के ऊपर मार गिराया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) (IRGC) ने यह दावा किया।
आईआरजीसी ने कहा कि उसने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले एक और अमेरिकी एफ-18 लड़ाकू विमान (US F-18 fighter jet) को मार गिराया है। आईआरजीसी के अनुसार 28 फरवरी से अब तक यह चौथा अमेरिकी लड़ाकू विमान है जिसे निशाना बनाया गया है।
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (IRIB) के स्वामित्व वाली ईरान के सरकारी मीडिया संगठन प्रेस टीवी और मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने बुधवार को वायु रक्षा इकाइयों द्वारा किए गए इस सफल अभियान की जानकारी दी।
एक बयान में आईआरजीसी ने कहा कि उसने देश के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले एक विमान को रोका और मार गिराया। दुश्मन के इस विमान को दक्षिणी ईरान के ऊपर मंडराते समय निशाना बनाया गया और नष्ट कर दिया गया।
इसके साथ ही ईरानी सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में सटीक-निर्देशित मिसाइलों और उन्नत ड्रोनों का इस्तेमाल करते हुए 80 से अधिक चरणों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर हमले किए हैं।
उधर, अमेरिका ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरान का यह दावा झूठा है और किसी भी अमेरिकी लड़ाकू विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है। यह जवाब खास तौर पर आईआरजीसी की उस घोषणा के संदर्भ में दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि चाबहार के ऊपर एक एफ-18 विमान को निशाना बनाया गया था।
सेंटकॉम ने इस संबंध में ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा इस दावे काे लेकर झूठा की मुहर लगी एक फ़ैक्ट-चेक ग्राफ़िक भी जारी किया है। यह घोषणा आईआरजीसी की ओर से ऑनलाइन प्रसारित होने के कुछ ही मिनटों बाद सामने आया।
उल्लेखनीय है कि चाबहार इलाका (Chabahar region) ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ओमान की खाड़ी के मुहाने पर स्थित है। यह ईरान का एकमात्र गहरे पानी का बंदरगाह है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास है।


