सिडनी : (Sydney) सिडनी सिक्सर्स (Sydney Sixers) के अनुभवी तेज गेंदबाज सीन एबॉट ने हैमस्ट्रिंग चोट के बाद वापसी को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। एबॉट ने कहा है कि पिछले छह हफ्ते उनके लिए काफी “निराशाजनक” रहे, लेकिन अब वह बॉक्सिंग डे पर बिग बैश लीग (Big Bash League) (BBL) में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार होने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
33 वर्षीय एबॉट शुरुआती नवंबर में शेफील्ड शील्ड मुकाबले के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे। इस चोट के चलते वह एशेज सीरीज की शुरुआत से बाहर हो गए, जबकि उन्हें पहले टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई स्क्वॉड में शामिल किया गया था। चोट लगने से पहले उन्होंने न्यू साउथ वेल्स की ओर से विक्टोरिया के खिलाफ पांच विकेट झटके थे।
उसी दिन ऑस्ट्रेलिया के सीनियर तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड (senior Australian fast bowler Josh Hazlewood) भी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ गए थे, जिसके कारण उनका एशेज अभियान समाप्त हो गया। एबॉट ने हेज़लवुड के साथ मिलकर एससीजी और क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स के सिल्वरवॉटर ट्रेनिंग बेस पर रिहैब पूरा किया है।
सिडनी थंडर के खिलाफ ‘सिडनी स्मैश’ (Sydney Smash) में सिक्सर्स की जीत के दौरान फॉक्स क्रिकेट से बातचीत में एबॉट ने कहा,“मुझे बस कुछ छोटे-छोटे बॉक्स टिक करने हैं और फिर उम्मीद है कि अगले हफ्ते चयन के लिए खुद को उपलब्ध करा पाऊंगा। यह समय काफी निराशाजनक रहा, लेकिन एलीट लेवल पर यह सब खेल का हिस्सा है। अब उम्मीद है कि मैं अगले हफ्ते मैदान पर उतरूंगा और अच्छा प्रदर्शन करूंगा।”
सिडनी सिक्सर्स की टीम, जिसने बीबीएल सीजन की शुरुआत दो हार के साथ की थी, ने थंडर को 47 रनों से हराकर पहली जीत दर्ज की। टीम का अगला मुकाबला बॉक्सिंग डे पर एससीजी में मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ है।
टीम के युवा ऑलराउंडर जैक एडवर्ड्स ने कहा कि एबॉट की वापसी सिक्सर्स के लिए “बहुत बड़ी” साबित होगी।
एडवर्ड्स के मुताबिक,“वह अनुभव और कौशल का खजाना हैं। गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग—तीनों में उनका योगदान अहम होता है। हम उन्हें मिस कर रहे थे और बॉक्सिंग डे पर उन्हें मैदान में देखना बेहद रोमांचक होगा।”
एबॉट बिग बैश इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पुरुष गेंदबाज हैं, जिनके नाम 175 विकेट दर्ज हैं। उनकी मजबूत वापसी न सिर्फ सिक्सर्स के लिए अहम होगी, बल्कि भारत और श्रीलंका में होने वाले अगले साल के टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी दावेदारी भी मजबूत कर सकती है।


