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Srinagar : प्रधानमंत्री कार्यालय का अफसर बनकर आए ठग को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

श्रीनगर: प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बनकर बुलेट फ्रूफ कार समेत कड़े सुरक्षा घेरे व अन्य अतिथि सेवाओं का आनंद उठाने वाले किरन पटेल के खिलाफ उसके गृह राज्य गुजरात में भी तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उसे तीन मार्च को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन जम्मू-कश्मीर के उच्च सुरक्षा वाले इलाकों में सुरक्षा बलों को चकमा देने की उसकी यह करतूत अब सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार से पुलिस हिरासत में रहे पटेल को अब 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है।

गुजरात के कथित ठग की कहानी इस महीने की शुरुआत में तब सामने आई, जब उसने तीसरी बार कश्मीर का दौरा किया। इस दौरान हर बार उसने खुद को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त निदेशक (रणनीति और अभियान) के रूप में पेश किया।

पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ अहमदाबाद और वडोदरा के थानों में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और विश्वासघात करने सहित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत 2017 में तीन मामले दर्ज किये हैं।

पटेल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हो रहा है, जिसमें उसे गुलमर्ग के बर्फीले इलाकों का सर्वेक्षण करते हुए उसे चारों ओर सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों से घिरे हुए व उसके साथ शहर से गुजरते वाहनों के काफिले को देखा जा सकता है।

उसने उत्तरी कश्मीर के उरी में अंतिम चौकी का भी दौरा किया था और भारत तथा पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा माने जाने वाले पुल पर तस्वीरें भी खिंचाई थी।

पुलिस ने एक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) शाखा ने दो मार्च को श्रीनगर के होटल ललित ग्रैंड में चेक-इन करने वाले एक अधिकारी के बारे में जानकारी दी थी।

इसका विस्तृत ब्योरा देते हुए बयान में कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश बलवाल ने होटल में एक टीम भेजी और फर्जी अधिकारी की पहचान अहमदाबाद निवासी जुदेश भाई पटेल के पुत्र किरन भाई पटेल के रूप में हुई।

पुलिस ने कहा कि फर्जी नौकरशाह से पूछताछ की गई, लेकिन उसके जवाब संदिग्ध पाए गए और उसे पास के निशात पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उसने कबूलनामा किया।

उसके पास से दस फर्जी विजिटिंग कार्ड और दो मोबाइल जब्त किये गये।

पुलिस के अनुसार, पटेल ने जम्मू-कश्मीर के नौकरशाहों के साथ कई बैठकें कीं और उन्हें सेब उत्पादन बढ़ाने और युवाओं को राष्ट्रीय निर्माण में शामिल करने के सपने बेचे तथा बागवानी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सेमिनार आयोजित किए।

उस पर निशात थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज किये गये हैं।

इससे पहले की अपनी यात्रा के दौरान उसने पर्यटक स्थल गुलमर्ग का दौरा किया था और यह दावा किया था कि सरकार ने उसे इस क्षेत्र में होटल सुविधाओं में सुधार का काम सौंपा है।

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