श्रीनगर: (Srinagar) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के चार साल बाद प्रदेश के लोग शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं। यहां शांतिपूर्ण माहौल कायम है। युवाओं को उनके सबसे पसंदीदा मार्ग पर उड़ान भरने के लिए पंख मिल गए हैं।उपराज्यपाल सिन्हा आज बीएसई प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र और विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों को विशेष सहायता के वितरण के संबंध में केआईसीसी श्रीनगर की अपनी यात्रा के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर का प्रत्येक नागरिक शांति से रह रहा है। सड़कों पर विरोध प्रदर्शन, साल में 150 दिन स्कूलों, कॉलेजों को बंद करना, पथराव और अलगाववाद समाप्त हो गया है। आज युवा गिटार पकड़कर और नदी के किनारे अच्छा समय बिताने के बाद देर रात घर जा रहे हैं। 5 अगस्त, 2019 को केंद्र ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य की विशेष स्थिति को समाप्त कर दिया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों- लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में विभाजित कर दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि पहले एक समय था, जब लोग सूर्यास्त के तुरंत बाद अपने घरों की ओर भागते देखे जाते थे। आज लोग बाहर बाज़ारों और पार्कों में समय बिताते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव जमीन पर दिख रहा है, क्योंकि इतने दशकों के बाद लोग आजादी से रह रहे हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि पाकिस्तान समर्थित प्रचार ज़मीनी स्तर पर विफल हो गया है और हर कोई शांति का आनंद ले रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह सबसे बड़ी उपलब्धि है, भले ही यह एक शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि मिशन यूथ के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु अधिक अवसर प्रदान करने के लिए मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के साथ समझौता किया है। उपराज्यपाल ने कहा कि आज सैकड़ों युवा अपना भविष्य संवार रहे हैं। हमने युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने और चमकने के लिए पर्याप्त मंच प्रदान किया है।


