
सिलवासा : (Silvassa) सीबीएसई के दिशानिर्देशों के अनुरूप कौशल शिक्षा के अनिवार्य कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सिलवासा स्थित अद्वैत गुरुकुल (Advait Gurukul in Silvassa) में कौशल बोध (सीबीपी) (Capacity Building Program) क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अद्वैत गुरुकुल सहित आसपास के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 67 शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने सहभागिता की।
सीबीएसई के संसाधन व्यक्तियों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम का संचालन सीबीएसई द्वारा नियुक्त संसाधन व्यक्तियों भवना पाठक, प्राचार्या, गुजरात पब्लिक स्कूल, अटलादरा (वडोदरा) एवं सुलोचना सोलंकी, प्राचार्या, ओमकार विद्यमंदिर, दादरा एवं नगर हवेली (Bhavna Pathak, Principal, Gujarat Public School, Atladara (Vadodara), and Sulochana Solanki, Principal, Omkar Vidyamandir, Dadra and Nagar Haveli) द्वारा किया गया।
अनुभवजन्य शिक्षा और व्यावहारिक रणनीतियों पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य फोकस अनुभवजन्य शिक्षा (Experiential Learning) तथा विद्यालयों में कौशल बोध के प्रभावी एकीकरण हेतु व्यावहारिक शिक्षण रणनीतियों पर केंद्रित रहा। सत्रों को इंटरएक्टिव गतिविधियों और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से अत्यंत रोचक बनाया गया।
अद्वैत गुरुकुल का सक्रिय सहयोग
अद्वैत गुरुकुल, सिलवासा की प्राचार्या डॉ. राजेश्वरी (Dr. Rajeshwari, Principal of Advait Gurukul, Silvassa) ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु पूर्ण सहयोग एवं प्रभावी समन्वय प्रदान किया, जिससे प्रशिक्षण सत्र और भी सार्थक एवं सुव्यवस्थित रहा।
कौशल-आधारित शिक्षा के महत्व को मिली नई दिशा
कार्यक्रम के दौरान मध्य स्तर पर कौशल-आधारित शिक्षा के महत्व को मजबूती से रेखांकित किया गया। शिक्षकों को यह समझाया गया कि किस प्रकार कौशल बोध को पाठ्यक्रम में सहज रूप से शामिल कर विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता, उद्यमिता एवं जीवन कौशल विकसित किए जा सकते हैं।
शिक्षकों ने सराहा प्रशिक्षण
प्रतिभागियों ने संसाधन व्यक्तियों के अनुभवों और मार्गदर्शन को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यालयों में कौशल शिक्षा को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा।
छात्रों के समग्र विकास की ओर सार्थक कदम
सीबीएसई की यह महत्वपूर्ण पहल न केवल शिक्षकों को सशक्त बनाती है, बल्कि छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षताओं से लैस कर उनके समग्र विकास को भी बढ़ावा देती है। अद्वैत गुरुकुल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्रीय शिक्षा स्तर को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।


