
शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र (budget session of the Himachal Pradesh Legislative Assembly) सोमवार यानी 16 फ़रवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। खास बात यह है कि पहले चरण में केवल तीन बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद कुछ दिनों का अवकाश रहेगा और फिर सत्र दोबारा शुरू होगा। हालांकि दूसरे चरण की तारीखों का अभी ऐलान नहीं किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया (Assembly Speaker Kuldeep Singh Pathania) ने रविवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में सत्र की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि पहले चरण के तीन दिवसीय सत्र के लिए कुल 125 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें से 111 तारांकित प्रश्न हैं। इनका जवाब संबंधित मंत्री सदन में मौखिक रूप से देंगे, जबकि 14 अतारांकित प्रश्न लिखित उत्तर के लिए हैं। इसके अलावा नियम 62 के तहत एक प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है।
सत्र के दौरान राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) (RDG) के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। अध्यक्ष ने बताया कि आरडीजी को बंद किए जाने के विषय पर सरकार की ओर से नियम 102 के तहत चर्चा के लिए प्रस्ताव दिया गया है। इस प्रस्ताव पर सदन में विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से आरडीजी बंद करने को लेकर प्रस्ताव आया है, जिस पर सदन में चर्चा होना तय है।
बजट सत्र की अवधि और बजट पेश किए जाने की तारीख को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार सरकार आरडीजी के मुद्दे पर बनी स्थिति के कारण असमंजस में है। ऐसे में बजट कब पेश होगा और सत्र कितने दिन चलेगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हो पाया है। फिलहाल तय कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में तीन दिन की बैठकें होंगी। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि कार्यसूची में अधिक काम आता है तो सत्र की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक भी बुलाई जाएगी, ताकि सभी दलों के सहयोग से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके। अध्यक्ष ने कहा कि प्रयास रहेगा कि सत्र शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में अध्यक्ष ने बताया कि कैबिनेट मंत्री यादविंदर गोमा द्वारा मंडी के उपायुक्त (DC)) के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (प्रिविलेज मोशन) से जुड़ा मामला अभी प्रक्रिया में है। इस संबंध में मंत्री की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। नियमों के तहत मुख्य सचिव के माध्यम से मंडी के डीसी से जवाब मांगा गया है, लेकिन अब तक उनका उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि बद्दी की पूर्व पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) (SP) से जुड़ा मामला भी अभी लंबित है। इस मामले में गृह विभाग से जवाब मांगा गया है, जो अभी तक नहीं मिला है।
बता दें कि इस तरह बजट सत्र (Budget Session) की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब आरडीजी जैसे अहम वित्तीय मुद्दे पर चर्चा प्रस्तावित है और कुछ प्रशासनिक मामलों पर भी निर्णय की प्रतीक्षा है। सोमवार दोपहर बाद राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की कार्यवाही औपचारिक रूप से शुरू होगी।


