
शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu) ने जननी सुरक्षा योजना के तहत चल रही ड्रॉप बैक एम्बुलेंस को बदलने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रदेश में 125 पुरानी एम्बुलेंस को बदला जाएगा, जिस पर करीब 10.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शुक्रवार को शिमला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission in Shimla) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत दी जा रही सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए एल्डरली एंड पैलिएटिव केयर कार्यक्रम (Elderly and Palliative Care program) के तहत एक विशेष योजना शुरू की जाएगी। इस पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत शय्याग्रस्त और गंभीर रूप से बीमार बुजुर्गों की घर पर ही स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी, जिनमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी शामिल होंगे। इन टीमों को प्रदेश के 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर किया जा रहा है। टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त इंसुलिन पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना पर करीब 2.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे मरीजों को लंबे समय तक राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे की लत में फंसे युवाओं का इलाज और पुनर्वास बेहद जरूरी है। इसके लिए पुनर्वास केंद्रों को मजबूत किया जाएगा और इस दिशा में एक व्यापक और प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।


