
शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश में विंटर सीजन के दौरान हो रही लगातार बर्फबारी (continuous snowfall during the winter season in Himachal Pradesh) एक बार फिर आम जनजीवन के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बीते एक सप्ताह में दूसरी बार पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात हुआ है, जिससे सबसे ज्यादा असर सड़कों और बिजली आपूर्ति पर पड़ा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operations Center) के अनुसार बुधवार शाम तक प्रदेश में चार नेशनल हाइवे और कुल 885 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं, जबकि 3237 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाकों में लंबे समय से ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बर्फबारी से शिमला, कुल्लू,मंडी, चम्बा किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिले (Shimla, Kullu, Mandi, Chamba, Kinnaur, and Lahaul-Spiti districts) सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां सामान्य आवाजाही बाधित हो रही है।
सड़कों की स्थिति की बात करें तो लाहौल-स्पीति जिले में सबसे ज्यादा 290 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा शिमला जिले में 176, मंडी में 128, कुल्लू में 98, चंबा में 91 और किन्नौर में 74 सड़कें अवरुद्ध हैं। नेशनल हाइवे भी बर्फ की चपेट में हैं। लाहौल-स्पीति में दो नेशनल हाइवे, जबकि किन्नौर और कुल्लू में एक-एक नेशनल हाइवे बंद पड़े हैं। बर्फ जमने और लगातार फिसलन के कारण इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। प्रशासन सड़कें खोलने के प्रयास में जुटा है, लेकिन खराब मौसम के कारण काम में दिक्कतें आ रही हैं।
बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रदेश भर में 3237 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से हजारों उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा 1082 ट्रांसफार्मर शिमला जिले में ठप हैं, जबकि कुल्लू में 1024, मंडी में 369, चंबा में 200, लाहौल-स्पीति में 199 और किन्नौर में 164 ट्रांसफार्मर खराब बताए गए हैं। इसके अलावा 121 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें अकेले शिमला जिले में 91 योजनाएं ठप हैं, जिससे पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
इस बीच चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर उपमंडल की दूरदराज पूलन पंचायत में देर रात ग्लेशियर खिसकने की घटना सामने आई है। ओट नाला क्षेत्र में करीब एक बजे ग्लेशियर खिसकने से दो मालवाहक वाहन और तीन व्यावसायिक दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पंचायत प्रधान अनीता कपूर ने नुकसान की पुष्टि करते हुए प्रशासन से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत देने की मांग की है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
खराब मौसम को देखते हुए कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में बुधवार को एहतियातन सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बर्फबारी शिमला जिले के खदराला में 41 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। इसके अलावा गोंदला में 36, संधोल में 31, कुकुमसेरी और मनाली में 28-28, कल्पा और शिलारू में 17-17, केलंग में 15 और शिमला में 4 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। निचले और मध्यवर्ती इलाकों में तेज बारिश भी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार आज ऊंचे और मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि 29 जनवरी को मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि 30 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे 3 फरवरी तक फिर से मौसम बिगड़ने के आसार हैं। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में शीतलहर तेज हो गई है और कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। मनाली, केलंग, कुकुमसेरी, ताबो, नारकंडा, कुफरी, कल्पा और रिकांगपिओ सहित आठ स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि शिमला का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।


