शिमला : (Shimla) राजधानी शिमला (capital Shimla) में निजी बस चालक व परिचालक संघ ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल (indefinite strike) समाप्त करने की घोषणा कर दी। देर शाम परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।
सिटी निजी बस चालक यूनियन अध्यक्ष कमल (City Private Bus Drivers Union President Kamal) ने पुष्टि की है कि मंगलवार से शहर में सभी निजी बसों का संचालन पहले की तरह सामान्य रूप से होगा। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम ने 40 किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाली बसों को शहर के भीतर व ओल्ड बस अड्डे में प्रवेश न देने पर सहमति जता दी है। ऐसी करीब 20 रूटों की बसें अब ओल्ड बस अड्डे की बजाय सीधे आईएसबीटी टुटू जाएंगी।
सोमवार सुबह से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से पूरे शहर में लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी। करीब 120 से अधिक निजी बसों के पहिए थम जाने से लोगों को स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और जरूरी कामों के लिए पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वर्किंग डे होने के कारण सड़कों पर यात्रियों की भीड़ नजर आई और शहर के विभिन्न बस स्टॉपों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं।
निजी बसों के ठप रहने से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में भीड़ बढ़ गई। कई बसों में यात्री खड़े होकर सफर करते दिखे, जबकि कुछ लोगों को मजबूरन पैदल ही अपने कार्यस्थलों तक जाना पड़ा। आम जनता की परेशानी को देखते हुए एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें चलाईं और चालकों को निर्देश दिए कि जहां यात्रियों की अधिक भीड़ हो, वहां बसें रोककर सवारियों को बैठाया जाए। सुबह हालत खराब नजर आए, लेकिन दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई।
निजी बस चालक-परिचालक संघ की हड़ताल का मुख्य मुद्दा यह था कि 40 किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाली एचआरटीसी और निजी बसों को शिमला शहर और ओल्ड बस स्टैंड में प्रवेश की अनुमति न दी जाए। उनका कहना था कि इससे शहर में जाम की स्थिति बनती है और स्थानीय रूट प्रभावित होते हैं, जिससे निजी बस ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।


