शिमला : (Shimla) न्यूनतम किराया बढ़ने के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम (Himachal Path Parivahan Nigam) (एचआरटीसी) की बसों में अब लंबी दूरी के रूटों पर भी लोकल सवारियां सफर कर सकेंगी। अब तक लांग रूटों की बसें लोकल सवारियों को नहीं उठाती थीं, लेकिन किराया वृद्धि के बाद स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन ने सभी रूटों पर लोकल सवारियों को बैठाने का निर्णय लिया है। यूनियन ने कहा है कि इससे न केवल लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि निगम की आय भी बढ़ेगी।
स्टेट कंडक्टर यूनियन हिमाचल प्रदेश के प्रांतीय प्रधान प्रीत महेंद्र (State Conductor Union Himachal Pradesh’s provincial head Preet Mahendra) और महासचिव दीपेंद्र कंवर ने प्रदेश भर के सभी परिचालकों से अपील की है कि वे चाहे लोकल रूट हों या लांग रूट, सभी जगहों से लोकल सवारियों को बसों में बिठाएं। उन्होंने कहा कि न्यूनतम किराया 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये किए जाने के बाद सोमवार को सभी डिपो में निगम की आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यूनियन का मानना है कि लांग रूट की बसों में लोकल सवारियों को बैठाने से निगम को और अधिक लाभ मिलेगा। इससे निगम के राजस्व में इजाफा होगा और इससे देय भत्तों का भुगतान भी समय पर किया जा सकेगा। यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि अब न्यूनतम किराया 10 रुपये होने से बसों में खुले पैसों को लेकर होने वाली परेशानी भी खत्म हो गई है।
निगम प्रबंधन ने पहले ही दिए थे निर्देश
इस संबंध में डीएम शिमला देवासेन नेगी ने कहा कि निगम की आय में वृद्धि के लिए समय-समय पर कदम उठाए जा रहे हैं। निगम प्रबंधन की ओर से पहले से ही परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी सवारी मिले, चालक-परिचालक उसे बस में बैठाएं। उन्होंने कहा कि कंडक्टर यूनियन का यह निर्णय सराहनीय है और इससे प्रदेश भर में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।


