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Shimla : हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स घटाया, अधिसूचना जारी

Shimla: Himachal Government Reduces Entry Tax; Notification Issued

बिलासपुर सीमा पर जत्थेबंदियों ने रोकी वाहनों की एंट्री
शिमला : (Shimla)
पंजाब और हरियाणा (Punjab and Haryana) की ओर से बढ़ते विरोध और सीमावर्ती इलाकों में तनाव की स्थिति के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने एंट्री टैक्स की दरों में संशोधन करते हुए राहत देने का फैसला किया है।

मंगलवार देर शाम जारी सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाली पांच से 12 सीट तक की निजी गाड़ियों पर प्रवेश शुल्क घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है। पहले इन श्रेणियों की गाड़ियों पर शुल्क बढ़ाकर 130 रुपये किया गया था, जिसे एक अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन विरोध के बाद सरकार ने इसमें बदलाव किया।

राज्य कर एवं आबकारी विभाग (State Taxes and Excise Department) की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना में बताया गया है कि टोल नीति 2026–27 के तहत कुछ श्रेणियों के लिए राहत के प्रावधान जोड़े गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पांच से 12 सीट क्षमता तक की निजी गाड़ियों के लिए अब 24 घंटे का प्रवेश शुल्क 100 रुपये ही लिया जाएगा। इसे सरकार का विवाद के बीच एक महत्वपूर्ण संशोधन माना जा रहा है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव कम करने की कोशिश की गई है।

नई अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत हल्के वाहनों को भी राहत दी गई है। पहले केवल पांच सीट तक की टैक्सियों को प्रवेश शुल्क से छूट थी, लेकिन अब 12 सीट तक की हिमाचल नंबर वाली टैक्सियों को भी एंट्री टैक्स से पूरी तरह छूट दे दी गई है। इससे सीमावर्ती इलाकों में चलने वाले स्थानीय टैक्सी चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने टोल बैरियर के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी नियम सरल किए हैं। अब टोल बैरियर के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के लोगों के निजी वाहनों के लिए रियायती पास बनाए जाएंगे। पहले यह सुविधा केवल हिमाचल के निवासियों तक सीमित थी। नई व्यवस्था के तहत संबंधित एसडीएम (Sub-Divisional Magistrate) (SDM) या तहसीलदार द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर टोकन सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार ने कहा है कि इस कदम से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में राहत मिलेगी।

प्रदेश में कुल 55 टोल बैरियरों पर 24 घंटे के आधार पर प्रवेश शुल्क लिया जाता है। इनमें से सात टोल बैरियरों को फास्टैग सुविधा से जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि टोल नीति 2026–27 में स्थानीय लोगों और हल्के व्यावसायिक वाहनों को राहत देने के उद्देश्य से कई नियमों को आसान बनाया गया है। हालांकि भारी वाहनों की अधिकांश श्रेणियों में शुल्क पहले जैसा ही रखा गया है, जबकि कुछ श्रेणियों में मामूली बढ़ोतरी की गई है।

इधर एंट्री टैक्स को लेकर विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। बिलासपुर जिले में हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित गारमोडा टोल प्लाजा के पास बुधवार सुबह पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए वाहनों की एंट्री रोक दी। इस प्रदर्शन में किसान यूनियन, टैक्सी यूनियन और ट्रक यूनियन (Farmers’ Union, Taxi Union, and Truck Union) सहित कई संगठन शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जब उन्होंने सीमा पार की तो उनसे बढ़ी हुई दरों के अनुसार ही शुल्क वसूला गया, जिससे उनमें नाराजगी और बढ़ गई।

प्रदर्शन कर रहे संगठनों के नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले दरें बढ़ाईं और बाद में बदलाव किया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। उनका कहना था कि इस फैसले से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों और कारोबार पर असर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने वाहनों को रोकने का विरोध किया और कहा कि आम लोगों को परेशान करने के बजाय इस मुद्दे को सरकार के स्तर पर उठाया जाना चाहिए।

बता दें कि एंट्री टैक्स (entry tax) के मुद्दे पर पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई है। पंजाब के कई संगठनों ने पहले ही सीमा पर प्रदर्शन करने और वाहनों की आवाजाही रोकने की चेतावनी दी थी। इसी पृष्ठभूमि में हिमाचल सरकार (Himachal government) ने नई अधिसूचना जारी कर दरों में संशोधन और राहत से जुड़े प्रावधान लागू किए हैं।

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