
शिमला : (Shimla) मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu) ने कहा है कि राजस्व अनुदान घाटा (आरडीजी) (Revenue Deficit Grant) का बंद होना हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है और इससे प्रदेश पर गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आठ फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में विस्तार से मंथन किया जाएगा और इसके बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि आरडीजी को लेकर राजनीति का नहीं बल्कि प्रदेश के हित में एकजुट होकर सोचने का समय है।
बुधवार को शिमला के कैथू में कोऑपरेटिव बैंक की (new branch of the Cooperative Bank in Kaithu) नई शाखा के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2019 से 2025 के बीच हिमाचल प्रदेश को लगभग 48 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में मिले हैं। इस संवैधानिक अनुदान का अचानक बंद होना राज्य की वित्तीय सेहत को गहरी चोट पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में चर्चा के बाद इस पूरे मामले पर एक प्रेजेंटेशन तैयार की जाएगी, जिसे सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों के सामने रखा जाएगा, ताकि सभी को स्थिति की गंभीरता समझ में आ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी जैसे अनुदान पहाड़ी राज्यों के लिए जीवनरेखा (RDG are a lifeline for hilly states) हैं। हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी राज्यों से बिल्कुल अलग हैं। प्रदेश की लगभग 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र में आती है, 28 प्रतिशत फॉरेस्ट कवर है और यहां पांच प्रमुख नदियां बहती हैं। ऐसे में पर्यावरण को बचाते हुए विकास करना हिमाचल की मजबूरी है और इसके लिए विशेष आर्थिक सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को मैदानी राज्यों की कतार में खड़ा करना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार से आरडीजी को लेकर पुनर्विचार की अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर एकजुट होना चाहिए। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर (MP Anurag Thakur) से भी स्पष्ट रुख बताने को कहा कि वे आरडीजी बंद होने के पक्ष में हैं या इसके विरोध में।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के कैथू क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की नई शाखा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस इलाके में अब तक किसी भी बैंक की शाखा नहीं थी, जिससे स्थानीय लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर जाना पड़ता था। नई शाखा खुलने से लोगों को घर के पास ही बैंकिंग सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही यहां एटीएम भी स्थापित किया गया है, जिससे रोजमर्रा के काम आसान होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि राज्य सरकार अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल की भूमि पर लगी विद्युत परियोजनाओं से सरकार कर वसूलेगी, जिससे प्रदेश की आमदनी बढ़ेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि कठिन आर्थिक हालात के बावजूद सरकार जनता के हित में फैसले ले रही है और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।


