
शिमला : (Shimla) भाजपा विधायक रणधीर शर्मा (BJP MLA Randhir Sharma) ने चेस्टर हिल (Chester Hill case) मामले में कथित बेनामी संपत्ति की जांच को लेकर कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट (High Court) की निगरानी में करवाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि इस मामले में जांच के आदेश सरकार की अपनी पहल से नहीं, बल्कि भाजपा और जनता के लगातार दबाव के कारण देने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लंबे समय से उठा रही थी और तथ्यों के साथ सरकार को घेरती रही, जिसके बाद सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की गई और जांच को टालने के प्रयास हुए। उनके अनुसार अधिकारियों की ओर से भी कई गंभीर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया, लेकिन भाजपा के विरोध और जनदबाव के चलते अब सरकार को जांच के आदेश जारी करने पड़े हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस मामले में शामिल सभी अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य सचिव सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठाई।
रणधीर शर्मा ने कहा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनका कहना है कि जांच हाईकोर्ट की निगरानी में होगी तो निष्पक्षता बनी रहेगी और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
उन्होंने कांग्रेस सरकार (Congress government) पर आरोप लगाया कि उसका रवैया शुरू से ही इस मामले में संदेह के घेरे में रहा है और अब की जा रही कार्रवाई “डैमेज कंट्रोल” (damage control) की कोशिश लगती है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।


