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Shajapur : अन्नदाता का खेत अब सूखा नहीं होगा, साथ ही हर घरों को मिलेगा भरपूर पानी

शाजापुर: (Shajapur) अन्नदाता का खेत अब सूखा नहीं होगा। किसानों के लिए दावे तो हर सरकार करती हैं, लेकिन किसानों की सुध ली पूर्व मंत्री और शाजापुर के विधायक हुकुमसिंह कराड़ा ने। ढाई हजार करोड़ की लागत से नर्मदा प्रोजेक्ट शाजापुर में आने से अब किसी का खेत सूखा नहीं रहेगा। और हर घर को दोनों समय मिलेगा पीने का भरपूर पानी। नर्मदा प्रोजेक्ट की कार्य प्रगति के लिए पूर्व मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा ने शाजापुर के पत्रकारों को नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत उन स्थानों की ग्राउंड स्थिति दिखाई, जहां पर नर्मदा प्रोजेक्ट का काम तीव्र गति से चल रहा हैं।

मालवा में एक कहावत हैं, पग-पग रोटी, डग-डग नीर… लेकिन पिछले कुछ सालों से भूजल स्तर गिरने से सिंचाई की परेशानी हर साल देखने को मिलती थी. सिंचाई के लिए पानी कैसे मिले और यह पानी किसानों के खेत तक कैसे पहुंचे इसके लिए दावे तो बहुत किए गए, लेकिन इन दावों को साकार किया 15 महीने की कांग्रेस सरकार में जल संसाधन विभाग मंत्री बने हुकुमसिंह कराड़ा ने। उन्होंने सबसे पहले शाजापुर के क्षेत्र को मालवा की कहावत पग-पग रोटी और डग-डग नीर को सार्थक करने के लिए मेगा नर्मदा प्रोजेक्ट शुरू करवाया। इस प्रोजेक्ट के तहत शाजापुर क्षेत्र के 3 लाख बीघा से अधिक सिंचाई की जाएगी और शाजापुर-मक्सी दोनों शहर में दोनों समय नर्मदा का जल घर-घर पहुंचेगा। लगभग ढाई हजार करोड़ का यह मेगा प्रोजेक्ट का काम चल रहा हैं और इसके लिए चार अलग-अलग डम्प क्षेत्र बनाए गए हैं। शहर के पत्रकार प्रतिनिधि मंडल ने आज रविवार को हुकुमसिंह कराड़ा के साथ रिजावता में चल रहे नर्मदा प्रोजेक्ट के डम्प क्षेत्र को देखा। इसके बाद लड़ावद और सबसे बड़ा डम्प क्षेत्र बिरगोद की ग्राउंड हालात देखे और रेहली जहां से पूरे क्षेत्र में नर्मदा का पानी जाएग उसका कार्य भी देखा। यह पहला मौका हैं जब विकास कार्य को लेकर किसी जनप्रतिनिधि ने थर्ड पार्टी असेसमेंट करवाया। गौरतलब है कि हुकुमसिंह कराड़ा ने शाजापुर क्षेत्र की जनता को यूं तो कई सौगात दी, लेकिन नर्मदा प्रोजेक्ट शाजापुर के लिए जीवनदायी साबित होगा। क्योंकि शाजापुर में पेयजल के साथ-साथ सिंचाई की सबसे बड़ी समस्या थी। लगभग 2 साल में 2025 में यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। और इस प्रोजेक्ट के तहत 3 लाख बीघा से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। शहर में भी दोनों समय नर्मदा का पानी सप्लाय होगा।

धरातल पर नजर आई योजना, जल्द लेगी मूर्तरूप

सांच को आंच क्या इसकी तर्ज पर विधायक हुकुमसिंह कराड़ा ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्य के लिए विकास कार्य को कागजों से निकालकर धरातल पर लाकर खड़ा कर दिया और इसके लिए दलगत राजनीति से हटकर थर्ड पार्टी असेसमेंट कराया गया। जिसमें शाजापुर के एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ पत्रकारों ने नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों की ग्राउंड हकीकत देखी। विकास के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन थर्ड पार्टी असेसमेंट वही जनप्रतिनिधि कर सकता हैं। जिसने धरातल पर कुछ किया हो। इसके पहले भी जब श्री कराड़ा 1998 में ऊर्जा मंत्री थे तो शाजापुर जिले को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया। 2018 की कांग्रेस सरकार में हुकुमसिंह कराड़ा जब जल संसाधन मंत्री बने तो सबसे पहले नर्मदा प्रोजेक्ट शाजापुर के लिए स्वीकृत कराया और आज यह प्रोजेक्ट 80 प्रतिशत पूरा हो चुका हैं। आने वाले दो साल में सभी खेतों को पानी और हर घर में पेयजल सप्लाय शुरू हो जाएगा।

गामीणों ने भी देखा नर्मदा प्रोजेक्ट का काम

2018 में हुकुमसिंह कराड़ा के जल संसाधन मंत्री बनने के बाद यह प्रोजेक्ट लाया गया और धरातल पर नर्मदा प्रोजेक्ट का काम कैसा चल रहा हैं इसको आज थर्ड पार्टी असेसमेंट के जरिये पत्रकारों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को भी नर्मदा प्रोजेक्ट के काम के बारे में बताया गया। ग्राम रिजावता जहां डम्प क्षेत्र है और सबसे बड़ा बिरगोद में इस नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा हैं। जहां दिन-रात मशीनरी इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में लगी हुई हैं।

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