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Shahdol : गर्म लोहे से दागे जाने के कारण बच्ची की मौत, जांच के लिए शव को कब्र से निकाला गया

शहडोल : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक ओझा द्वारा उपचार के नाम पर 50 से अधिक बार गर्म लोहे की छड़ से दागे जाने की वजह से ढाई माह की बच्ची की मौत होने के मामले में प्रशासन ने जांच के लिए बालिका का शव कब्र से खोदकर बाहर निकलवाया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्ची की मौत निमोनिया के कारण हुई, लेकिन मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चल पाएगा।

आदिवासी बहुल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के कठौतिया की रहने वाली बच्ची की मां ने कहा कि परिवार वाले पहले बीमार बेटी को झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

बाद में परिवार ने एक महिला से संपर्क किया, जिसने बच्ची के इलाज के लिए 51 बार गर्म लोहे की छड़ से उसके शरीर को दागा।

मृत बच्ची की मां ने बताया कि बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गयी जिसके बाद परिजनों ने बच्ची के शव को दफना दिया।

स्थानीय मीडिया से घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने शव को बाहर निकालने का निर्णय लिया।

इस बीच, एक अधिकारी ने बताया कि शहडोल जिले में शनिवार को ऐसा ही एक अन्य मामला सामने आया है जिसमें उपचार के नामपर तीन माह की एक बालिका को गर्म लोहे से दागा गया है।

सरकारी बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ नागेंद्र सिंह ने बताया कि सूरज कोल नामक व्यक्ति की बेटी को मेडिकल कॉलेज में लाया गया है जिसे गर्म लोहे की छड़ से दागा गया है।

सिंह ने कहा कि बालिका सिंहपुर थाना क्षेत्र के समतापुर गांव की रहने वाली है। उसके माता-पिता ने उसे शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया है।

उधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आरएस पांडेय ने कहा कि सिंहपुर क्षेत्र का दौरा कर शुभी कोल सहित इस तरह की अन्य घटनाओं की जानकारी लेगें।

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