
संतकबीरनगर में बड़ी कार्रवाई, विदेशी फंडिंग और दस्तावेजी अनियमितताओं की जांच, परिजनों से गहन पूछताछ
संतकबीरनगर : (Sant Kabir Nagar) उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए खलीलाबाद (Khalilabad Kotwali area in Sant Kabir Nagar district of Uttar Pradesh) कोतवाली क्षेत्र की मीट मंडी में स्थित मौलाना शमशुल हुदा के आवास पर (residence of Maulana Shamsul Huda) छापा मारा। शमशुल हुदा भारतीय मूल के हैं और बाद में ब्रिटेन की नागरिकता ले चुके हैं। इसी क्रम में ईडी की एक अन्य टीम ने आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित उनके अस्थायी ठिकाने पर भी तलाशी अभियान चलाया।
सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम मीट मंडी स्थित आवास के भीतर मौजूद परिजनों से पूछताछ में जुटी रही। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए घर के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। घर के भीतर मौलाना की पत्नी और बहू मौजूद हैं, जबकि उनका पुत्र तौसीफ रजा मौके पर नहीं पाया गया।
अब तक की कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के जनसंपर्क अधिकारी ने पुष्टि की कि छापेमारी बुधवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई और यह पूरी तरह केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई है, जिसमें स्थानीय पुलिस को औपचारिक रूप से शामिल नहीं किया गया।
नागरिकता और सेवा अभिलेखों में गड़बड़ी
जांच एजेंसियों के अनुसार मौलाना शमशुल हुदा ने वर्ष 2013 में भारतीय नागरिकता त्यागकर ब्रिटेन की नागरिकता ग्रहण की थी और वह वर्ष 2007 से लंदन में रह रहे हैं। इसके बावजूद आधिकारिक दस्तावेजों में उन्हें वर्ष 2017 तक आजमगढ़ के एक मदरसे में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत दिखाया गया। इस अवधि में वेतन और पेंशन जैसी सुविधाएं लेने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।
विदेशी फंडिंग और NGO पर जांच की आंच
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि शमशुल हुदा खान ने खलीलाबाद में एक मदरसे का निर्माण कराया और ‘कुलियातुल बनातीर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी’ (“Kuliyatul Banatar Rajabia Educational and Welfare Society”) तथा ‘रजा फाउंडेशन’ के नाम से एनजीओ स्थापित किए। आरोप है कि इन संस्थाओं के माध्यम से विदेशों से बड़ी मात्रा में धनराशि जुटाई गई। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और अन्य जांच एजेंसियां भी अलग-अलग बिंदुओं पर छानबीन कर रही हैं।
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