सांबा : गत चार साल पहले केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों को जम्मू-कश्मीर में नागरिकता का अधिकार मिल गया था।शनिवार को स्वांखा मोड मे पाकिस्तान शरणार्थी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी के नेतृत्व में समुदाय की महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग इलाके में एकत्र हुए और भारत माता की जय के नारे लगाए। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों और अनुच्छेद 35-ए को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले का जिक्र करते हुए। लब्बा राम गांधी ने यहां कहा, “हम तिरंगा फहराकर इसे अपने स्वतंत्रता दिवस के रूप में मना रहे हैं। क्योंकि हमें जम्मू-कश्मीर में वास्तविक आजादी 5 अगस्त, 2019 को मिली। ये शरणार्थी अब स्थानीय निवासियों को मिले हैं।जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया।इस मौके पर उन्होंने मिठाइयां भी बांटी।


