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Rio de Janeiro : ब्राजील फुटबॉल महासंघ अध्यक्ष एडनाल्डो रोड्रिग्स पद से हटाए गए

रियो डी जनेरियो : (Rio de Janeiro) ब्राजील फुटबॉल महासंघ (Brazilian Football Federation) (सीबीएफ) में बड़ा प्रशासनिक उलटफेर हुआ है। रियो डी जनेरियो के एक जज ने गुरुवार को सीबीएफ के अध्यक्ष एडनाल्डो रोड्रिग्स को उनके पद से हटा दिया है और “जल्द से जल्द” नए चुनाव कराने का आदेश दिया है।

यह फैसला उस समय आया है जब कुछ ही दिन पहले रोड्रिग्स ने इटालियन कोच कार्लो एंसेलोटी को ब्राज़ील की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया कोच नियुक्त किया था। अब रोड्रिग्स ने देश की सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर दोबारा पद पर बहाल होने की मांग की है।

रोड्रिग्स का कार्यकाल घोषित, लेकिन कानूनी अड़चन

मार्च 2025 में रोड्रिग्स को दोबारा 2030 तक के लिए सीबीएफ अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन जज गैब्रिएल डी ओलिवेरा जेफ़ीरो ने उस समझौते को अमान्य करार दिया जिसके तहत उन्हें पहले कार्यकाल की वैधता मिली थी। अदालत ने कहा कि उस समझौते के बिना रोड्रिग्स दोबारा चुनाव लड़ने के पात्र नहीं थे।

वाइस प्रेसिडेंट सरने ने संभाली कमान

इस फैसले के बाद सीबीएफ के सबसे वरिष्ठ उपाध्यक्ष फर्नांडो सरने (senior vice president Fernando Sarne) ने संगठन की जिम्मेदारी संभाल ली है और नए चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “सभी खेल गतिविधियां और मौजूदा अनुबंध सुरक्षित रहेंगे।” हालांकि यह साफ नहीं है कि एंसेलोटी का करार कानूनी रूप से अभी मान्य है या नहीं।

टीवी ग्लोबो से बात करते हुए सरने ने कहा, “मैं इस पद पर अस्थायी रूप से हूं। मेरा लक्ष्य जल्द से जल्द चुनाव कराना है ताकि कोर्ट की लड़ाई खत्म हो सके। फुटबॉल चलता रहेगा।”

पहले भी हटाए गए थे रोड्रिग्स

यह दूसरी बार है जब रोड्रिग्स को अदालत के आदेश से पद से हटाया गया है। इससे पहले दिसंबर 2023 में भी कोर्ट ने उन्हें पद से हटाया था, जब वह एंसेलोटी के साथ बातचीत कर रहे थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बाद में उन्हें बहाल कर दिया था।

जनवरी 2024 में सीबीएफ के उपाध्यक्षों ने एक आपसी समझौता कर रोड्रिग्स के पहले कार्यकाल को मान्यता दी थी, ताकि वे फिर से चुनाव लड़ सकें। लेकिन अब जज जेफ़ीरो ने उस समझौते को अवैध करार दिया है, क्योंकि उसमें हस्ताक्षर करने वाले एक सदस्य — 86 वर्षीय एंटोनियो कार्लोस नून्स की मानसिक स्थिति को लेकर संदेह जताया गया है।

जज के मुताबिक नून्स को 2018 में ब्रेन कैंसर का पता चला था और तभी से उनकी मानसिक क्षमता सवालों के घेरे में है। अदालत ने सोमवार को नून्स की मानसिक स्थिति पर सुनवाई निर्धारित की थी, लेकिन उसी दिन एंसेलोटी की नियुक्ति की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही यह सुनवाई स्थगित कर दी गई। सीबीएफ ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

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