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Ranchi : हाई कोर्ट ने आरएमसी के फोर्थ ग्रेड कर्मियों के प्रमोशन को लेकर की तल्ख टिप्पणी

रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की कोर्ट ने शनिवार को रांची नगर निगम (आरएमसी) में फोर्थ ग्रेड में नियुक्त कर्मियों के थर्ड ग्रेड में प्रमोशन से संबंधित अवमानना याचिका की सुनवाई हुई। कोर्ट ने नगर विकास सचिव पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि क्यों न आप पर कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करने को लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। कोर्ट ने नगर विकास सचिव को तीन सप्ताह में कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है, अन्यथा अगली सुनवाई चार अगस्त को हाई कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2021 में याचिका निष्पादन के समय रांची नगर निगम ने निगम के वैसे फोर्थ ग्रेड के कर्मियों जिनसे थर्ड ग्रेड का काम वर्षों से लिया जा रहा है उन्हें प्रोन्नति देने के बारे में आश्वस्त किया गया था लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। मामले में रांची नगर निगम कर्मचारी संघ की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी ने पैरवी की।

याचिकाकर्ता रांची नगर निगम कर्मचारी संघ के फोर्थ ग्रेड कर्मियों की ओर से वर्ष 2013 में हाई कोर्ट में रिट दाखिल की गई थी। जिस पर हाई कोर्ट की एकल पीठ ने वर्ष 2021 में मामले को निष्पादित करते हुए आदेश दिया था कि रांची नगर निगम की बोर्ड ने जब निर्णय लिया है कि ये कर्मी उच्च पद पर काम कर रहे हैं और वे थर्ड ग्रेड के पद के लिए एलिजिबल है इसलिए उन्हें प्रोन्नति दे देंगे , तो रांची नगर निगम की बोर्ड अपने इस निर्णय को लागू करें। लेकिन निगम की ओर से कोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद प्राथी की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई।

रांची नगर निगम कर्मचारी संघ की ओर से निगम कर्मियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया था कि उनकी नियुक्ति फोर्थ ग्रेड हुई थी, लेकिन रांची नगर निगम उनसे थर्ड ग्रेड का काम ले रहा है। ऐसा करते हुए 10 वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक उन्हें थर्ड ग्रेड में प्रमोशन नहीं दिया गया है।कर्मियों का कहना था कि चूंकि रांची नगर निगम ने उन्हें थर्ड ग्रेड के एलिजिबल समझा है इसीलिए उनसे फोर्थ ग्रेड की बजाए थर्ड ग्रेड का काम लिया जा रहा है।

वर्ष 2007 में रांची नगर निगम ने निर्णय लिया था कि जो फोर्थ ग्रेड पर काम कर रहे हैं उन्हें थर्ड ग्रेड पर प्रमोशन या थर्ड ग्रेड के पद पर समायोजित किया जाएगा। रांची निगम बोर्ड की बैठक में इससे संबंधित रेजोल्यूशन भी पास किया था लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें थर्ड ग्रेड में प्रोन्नति नहीं दी गई।

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