spot_img

Ranchi : आखिरी गरीब व्यक्ति तक कानूनी सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें : चीफ जस्टिस बीआर सारंगी

रांची : (Ranchi) झारखंड में राष्ट्रीय लोक अदालत और अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति (National Lok Adalat and Sub-Divisional Legal Services Committee) (एसडीएलएससी) नगर ऊंटरी गढ़वा का उद्घाटन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर सारंगी ने शनिवार को ऑनलाइन न्याय सदन, रांची के डोरंडा में किया। मौके पर चीफ जस्टिस बीआर सारंगी ने कहा कि आखिरी गरीब व्यक्ति तक न्याय पहुंचे, यह सुनिश्चित करें। लीगल सर्विस अथॉरिटी का काम है अंतिम पायदान पर पहुंचे हुए गरीब व्यक्ति तक पहुंचाना और उन्हें कानूनी सहायता देना।

चीफ जस्टिस ने कहा कि झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी (झालसा) गरीबों को कानूनी सहायता दिलाने में बेहतर कार्य कर रही है। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डालसा) को तीन बातों पर विशेष ध्यान रखना होगा। पहला, लोगों को समय पर कानूनी सहायता पहुंचाना। दूसरा, बिना थके काम करना और तीसरा, जहां कानूनी सहायता की जरूरत है वहां पर लीगल सर्विसेज की टीम का पहुंचाना। चीफ जस्टिस ने कहा कि झालसा लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन में बेहतर कार्य कर रही है। मामलों के त्वरित निष्पादन में तेजी आई है। यह झारखंड के लिए अच्छा संकेत है। न्याय व्यवस्था में समय से लोगों को न्याय मिले यह काफी जरूरी है। न्याय में देरी से न्यायिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगते हैं।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, हाई कोर्ट के कई जस्टिस, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मो. शकीर, महाधिवक्ता राजीव रंजन एवं झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना भी उपस्थित थीं।

कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए तैयार किए गए अभियान का शुभारंभ हुआ। साथ ही न्यूज लेटर का भी अनावरण किया गया। झालसा के लीगल लिटरेसी क्लब द्वारा आयोजित लेख, भाषण, रंगोली प्रतियोगिता के विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया। कार्यक्रम में पीड़ित मुआवजा का भी भुगतान किया गया।

Srinagar/Budgam : मस्जिदों पर बुलडोजर और बढ़ता ध्रुवीकरण: मीरवाइज उमर फारूक ने जताई चिंता

श्रीनगर/बडगाम : (Srinagar/Budgam) कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारू (Mirwaiz Umar Faroo, a prominent Kashmiri cleric) ने देश में मुसलमानों की मौजूदा स्थिति...

Explore our articles