रांची (Ranchi) : अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने बोकारो जिले के तेतुलिया मौजा स्थित करीब 100 एकड़ से अधिक वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री मामले में कार्रवाई की है। शनिवार को सीआईडी की टीम (CID team) में कार्रवाई करते हुए किंगपिन इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ्तारी तेतुलिया मौजा में बेशकीमती करीब एक सौ एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा कर दस्तावेज बनाकर हड़पने और बेचने के मामले में हुई है। इस मामले की जांच और कार्रवाई सीआईडी के साथ ईडी भी कर रही है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में भी मामले की सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार से जमीन के मूल दस्तावेज का रिकॉर्ड मांगा गया है।
इस संबंध में डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच जारी है। इस जमीन घोटाले की जांच के लिए सीआईडी टीम (CID team) कई बार बोकारो गयी थी। इसकी जानकारी जब बोकारो के सफेदपोशों और अधिकारियों को लगी तो, उनमें हड़कंप मच गया था। उल्लेखनीय है कि बोकारो के तेतुलिया में 100 एकड़ से ज्यादा वन भूमि को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया गया। आरोप है कि इसमें भू-माफिया, अंचल कर्मी और बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant) के अफसरों की मिली भगत है। यह वो जमीन है, जिसे बोकारो स्टील प्लांट के द्वारा वन विभाग को वापस लौटाया गया था। मामले को लेकर झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के निर्देश पर जमीन घोटाला मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई थी। सीआईडी बोकारो के सेक्टर 12 थाना में दर्ज कांड संख्या 32/2024 को टेकओवर कर अपनी जांच शुरू कर रही है। वन विभाग की जमीन को माफिया द्वारा बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद बोकारो वन प्रमंडल के प्रभारी वनपाल सह वनरक्षक (Forest Officer cum Forest Guard) रुद्र प्रताप सिंह ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। जांच के बाद सामने आया कि बोकारो में अधिकारी और भू-माफिया ने मिलकर 100 एकड़ से अधिक जमीन फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया है।


