रायपुर : (Raipur) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (former Chief Minister Bhupesh Baghel) की उपसचिव रहीं राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया (State Administrative Service officer Soumya Chaurasia) को आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार सुबह उन्हें ईडी की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले की मुख्य आरोपितों (main accused in the coal scam case) में शामिल हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपितों को जमानत पर को रिहा किया गया था। रिहाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे। पूछताछ के दौरान सौम्या चौरसिया से विस्तृत जानकारी ली गई और जांच में कई अहम दस्तावेज और सबूत प्राप्त हुए। आरोप है कि घोटाले के तहत विभिन्न राजस्व एवं लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं में अनियमितता और लाखों करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। ईडी ने जांच के आधार पर गिरफ्तारी की सिफारिश की और अधिकारी ने अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की।
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर( former Excise Minister Kawasi Lakhma, Chaitanya Baghel, son of former Chief Minister Bhupesh Baghel, former IAS officer Anil Tuteja, and Anwar Dhebar, brother of Ejaz Dhebar, have been arrested in the liquor scam case) की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपित बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।


