रायपुर : (Raipur) छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2146 करोड़ के शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (Economic Offences Investigation Branch) (ईओडब्ल्यू) की टीम जेल पहुंचकर उनसे पूछताछ कर रही है। दो दिन के भीतर के यह दूसरा मौका है, जब कवासी लखमा से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार पूछताछ के दूसरे दिन ईओडब्ल्यू के चार अफसर सेन्ट्रल जेल परिसर पहुंचे और कवासी लखमा से सात बिंदुओं पर पूछताछ की।
सरकार बदले की भावना से काम कर रही-वहीं कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज (State President Deepak Baij) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि यह सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। पहले अमरजीत भगत के यहां आईटी का छापा डलवाते हैं। लखमा को गिरफ्तार करते हैं, राजीव भवन और भूपेश बघेल के यहां ईडी भेजते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी नेताओं को टारगेट कर जेल भेजने और बदनाम करने का काम कर रही है। कवासी लखमा को शराब घोटाले के मामले में आरोप लगाकर भेज दिया अब नक्सली कनेक्शन जोड़ रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि कवासी लखमा को न्यायालय से बेल मिलेगी। सरकार नहीं चाहती कि लखमा बाहर निकले नक्सल कनेक्शन के बाद कोई दूसरा कनेक्शन निकालने की कोशिश करेंगे।
उल्लेखनीय है कि गौरतलब है कि 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ईडी ) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपित बनाया गया है।अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।


