रायगढ़ :(Raigarh) धान उठाव के पांच महीने बाद भी मिलर चावल जमा नहीं कर सके हैं। कस्टम मिलिंग का काम जल्द से जल्द पूरा हो, इसके लिए सरकार ने फरवरी तक समितियों से पूरा धान उठवा लिया था। सरकारी धान उठाकर चावल जमा नहीं करने वाले राइस मिलों पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। जोहार राइस मिल को सील कर दिया गया है जबकि दो अन्य का प्रकरण बनाया है।
समीक्षा के दौरान मिलरों के चावल जमा का आंकड़ा सामने आया था। कई राइस मिलर ऐसे थे जिन्होंने दस दिनों में एक भी लॉट जमा नहीं किया था। इसके बाद कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने खाद्य विभाग को जांच के आदेश दिए थे।इस बीच 19 जून को खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने जोहार राइस मिल में जांच की। जमा करने योग्य चावल के अनुपात में धान स्टॉक में होना था। पता चला है कि राइस मिल में उसका आधा भी धान नहीं मिला। खाद्य विभाग ने जोहार राइस मिल को सील कर दिया है। इसके बाद बालाजी राइस मिल और गौरीशंकर राइस मिल पर भी खाद्य विभाग ने जांच की। दोनों मिलों में भी धान का स्टॉक बेहद कम मिला। इनके प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। अभी भी कई मिलों में धान का स्टॉक जीरो है क्योंकि उनका चावल ओडिशा में बेच दिया गया। सरना धान का चावल ओडिशा और महाराष्ट्र भेजा गया।


