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Quetta : बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी कैद सैनिकों का भावुक संदेश- मांगें पूरी कर हमें छुड़वाओ

Quetta: An emotional message from imprisoned Balochistan Liberation Army soldiers: Fulfill our demands and release us

क्वेटा (बलोचिस्तान) : (Quetta) पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों (Several Pakistani security) के कई जवान आजादी के लिए संघर्षरत बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (Balochistan Liberation Army) (BLA) की कैद से छूटने के लिए छटपटा रहे हैं। बीएलए ने अपने आधिकारिक मीडिया चैनल हुकल पर इन जवानों का वीडियो प्रसारित किया है। वीडियो में वर्दीधारी पाकिस्तानी सेना के जवानों को किसी अज्ञात स्थान पर बलोच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) के सशस्त्र सदस्यों के बीच दिखाया गया है।

द बलोचिस्तान पोस्ट ने अपनी वेबसाइट पर रिपोर्ट में इस वीडियो से तैयार फोटो को भी अपलोड किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वीडियो में एक सैन्य अफसर कह रहा है, ”मेरा नाम शम्स तबरीज है। मैं मोहम्मद कुरैश का बेटा हूं, मैं स्वाबी (Khyber Pakhtunkhwa) का निवासी हूं। मैं अक्टूबर 2012 में पाकिस्तान की सेना में भर्ती हुआ था। मेरा रैंक नायक का है। मैं पाकिस्तान के सेना से बीएलए की मांगों को पूरा करने का अनुरोध करता हूं, ताकि हमें रिहा किया जा सके।”

इस वीडियो में सभी जवान वर्दी में हथियार और अन्य उपकरण के साथ नजर आ रहे हैं। बीएलए ने इनको 21 जनवरी को खुजदार के ओरनाच इलाके में लड़ाई के दौरान दबोचा था। इस लड़ाई में पाकिस्तान सेना के कैप्टन उमर शहीद (Pakistan Army Captain Umar Shaheed) की मौत हो गई थी और एक कर्नल घायल हो गया था। इनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी को आईईडी हमले में निशाना बनाया गया था। उल्लेखनीय है कि बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलोच ने एक बयान जारी कर कहा था कि ऑपरेशन हीरो-2 के लड़ाकों ने पाकिस्तान सेना के 10 वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिया था।

जबरन गायब किए गए आठ लोगों के शव मिले

इस बीच बलोचिस्तान के पंजगुर जिले में पिछले एक सप्ताह में आठ लोगों के शव मिले हैं। अब तक जिन शवों की पहचान हुई है, वे सभी जबरन गुमशुदगी के शिकार हैं। ताजा घटनाक्रम में पंजगुर में आज दो और शव मिले हैं। इनमें से एक की पहचान जांगियान के रूप में हुई है। वह अब्दुल राशिद का पुत्र है। जांगियान का गर पंजगुर के प्रोम इलाके में है। दूसरे शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

परिवार के अनुसार, जांग्यान को 26 मई, 2025 को पंजगुर के प्रोम इलाके से पाकिस्तान सेना ने चार अन्य रिश्तेदारों के साथ हिरासत में लिया था। कुछ दिन बाद अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया। जांगियान के बड़े भाई मलिक मीरान ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि उसके भाई को पाकिस्तानी सेना और समर्थक सशस्त्र समूह (डेथ स्क्वाड) ने गिरफ्तार किया था। भाई का शव आज मिला है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में पंजगुर से आठ शव बरामद किए गए हैं। इनके गायब होने की शिकायतें दर्ज हैं।

सेना ने गरीबाबाद और सेंट्रल मार्केट को घेरा

इस बीच खबर है कि पाकिस्तान की सेना ने नुश्की के गरीबाबाद (Gharibabad and Central Market areas of Nushki) और सेंट्रल मार्केट इलाकों में दुकानों को घेरते हुए आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। सरकारी अधिकारियों ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। गौरतलब है कि नुश्की के मेंगल और कादिरबाद गांवों में पिछले दिनों ऐसा ही अभियान चलाया गया था।

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