
नवोन्मेषी पाठ्यक्रम लागू करने वाले नए कॉलेजों को ही मिलेगी मान्यता
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट संवाददाता
पुणे : राज्य में नए कला, वाणिज्य और विज्ञान महाविद्यालयों को अगले शैक्षणिक वर्ष में पारंपरिक तरीके से मान्यता देने के प्रस्तावों को खारिज कर दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि यदि आप एक नया कॉलेज शुरू करना चाहते हैं, तो आपको एक नया पाठ्यक्रम विकसित करना होगा, जो छात्रों को विभिन्न विषयों का अध्ययन करने की अनुमति देता है। राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि आगे इसी तरह के पाठ्यक्रम प्रस्तावित करने वाले कॉलेजों को मान्यता और अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, पुणे एजुकेशन फोरम ने ‘उच्च शिक्षा में बदलते रुझान: अवसर और चुनौतियां’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता चंद्रकांत पाटिल ने की। इस मौके पर उन्होंने दोहराया कि नए कॉलेजों की मान्यता को लेकर नई शर्तें लगाई जाएंगी। संगोष्ठी में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रघुनाथ माशेलकर, करभरी काले, विधायक राहुल कुल, डॉ. डी. वाई पाटिल यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. पी. डी. पाटिल, प्रोग्रेसिव एजुकेशन सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. गजानन एकबोटे, डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे, शिक्षण प्रसारक मंडली सलाहकार की प्रबंधन परिषद के अध्यक्ष एस. के. जैन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


