
लगभग दो किमी की लंबाई में बनाए गए 14 स्नान घाट
सुरक्षा के लिए विभिन्न इकाइयोंके 500 सुरक्षाकर्मी तैनात
आलोक गुप्ता
प्रयागराज : संगम की रेती पर तंबुओं का शहर आबाद हो गया है। माघ मेला को बसाने में जुटे सभी विभाग अपने-अपने कार्यों को फाइनल टच देने और रही-सही कसर की क्रास चेकिंग में लगे हैं। देश के कोने-कोने से कल्पवासियों का आना शुरू हो गया है। मंगलवार से ही कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंचने लगे हैं। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी रहा और रात भर कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंचते रहेंगे।
माघ मेला 2023 का प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा छह जनवरी यानी कल पड़ रही है। इस दिन पांच लाख लोगों के स्नान की संभावना है। स्नान के लिए 14 घाट बनाए गए हैं। मंगलवार को लोनिवि के राज्यमंत्री बृजेश सिंह ने जहां सड़क, पुल आदि की समीक्षा की तो वहीं कमिश्नर ने भी माघ मेले की संयुक्त रूप से समीक्षा कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
इस बार 44 दिन चलनेवाले माघ मेले में छह प्रमुख स्नान पर्वों में पहला स्नान पर्व छह जनवरी को तो आखिरी स्नान पर्वमहाशिवरात्रि 18 फरवरी को पड़ रही है। माघ मेला कुल 650 हेक्टेयर में बसाया गया है। इसके अलावा मेले में 18000 शौचालय, महिलाओं के लिए 200 चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। इसके मेले की सुरक्षा के लिए विभिन्न इकाइयों के 5000 सुरक्षा कर्मियोंको लगाया गया है। इसमें एटीएस कमांडो भी शामिल हैं। मेले में आने-जाने के लिए कुल 16 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, साथ ही मेला क्षेत्र में गंगा नदी को पार करने के लिए पांच पांटून पुल बनाए गए हैं।

दो किमी की लंबाई में बनाए गए स्नान घाट
पौष पूर्णिमा के मद्देनजर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बुधवार को सभी विभागों के साथ बैठक की और विभिन्न विभागों द्वारा करवाए गए कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी स्नान घाटों में अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग करा कर सर्कुलेटिंग एरिया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं के सुगम स्नान के लिए इस वर्ष 14 घाट बनाए जा रहे हैं जिनकी कुल लंबाई 6000 रनिंग फीट से अधिक है।
मंडलायुक्त ने फीकल वेस्ट के सक्शन के लिए कार्य योजना बनाकर शौचालयों की सफाई के निर्देश दिए और सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने सेक्टरों में बसी संस्थाओं में किस-किस दिन शौचालयों का सक्शन हुआ है, उसका एक चार्ट तैयार करने, संस्थाओं में शौचालयों की सफाई अपने आकलन एवं डेट चार्ट के हिसाब से कराने के निर्देश दिए।
महावीर पुल और गंगा घाटों का किया निरीक्षण
श्रद्धालुओं की समस्याओं के बेहतर निराकरण के लिए मेला कंट्रोल रूम में दो की जगह पांच लाइनें शुरू करने, सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेक्टर वार उनके नाम, पदनाम एवं कार्य अवधि के साथ जानकारी सूचीबद्ध कर हर सेक्टर ऑफिस में उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक के पश्चात कमिश्नर ने विभिन्न सेक्टरों का भी भ्रमण किया। सर्वप्रथम सेक्टर तीन के पीएसी कैंप में जाकर वहां बनाए गए शौचालयों की सफाई व्यवस्था की रैडम चेकिंग की। तत्पश्चात सेक्टर तीन एवं चार के विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर प्रथम स्नान पर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने महावीर पुल के पास उत्तरी दिशा में बनाए जा रहे स्नान घाट का विस्तार कर उसे दक्षिणी भाग में भी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अरैल में बनाए जा रहे स्नान घाट, टेंट सिटी का भी निरीक्षण किया।


