
18 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान पर्व के साथ होगा माघ मेले का समापन
मंगलवार को मुख्यसचिव और पुलिस महानिदेशक ने की तैयारियों की समीक्षा
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
प्रयागराज: (Prayagraj) गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मुहाने पर लगने वाले माघ मेले का आगाज छह जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान से होने जा रहा है। इस बार का माघ मेला पूरे 44 दिन का होगा, जो पौष पूर्णिमा स्नान से महाशिवरात्रि (18 फरवरी) तक चलेगा।
तीर्थराज प्रयागराज में लगने वाले माघ मेला 2023 में कुछ छह प्रमुख स्नान पर्व हैं। इसमें पहला स्नान पौष पूर्णिमा का छह जनवरी को पड़ रहा है। इसके बाद दूसरा स्नान पर्व मकर संक्रांति का 14 और 15 जनवरी को पड़ेगा। जबकि तीसरा प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या 21 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन भारी भीड़ होने की संभावना है। इसके बाद 26 जनवरी को चौथा स्नान पर्व वसंत पंचमी और पांचवां स्नान पर्व पांच फरवरी को माघी पूर्णिमा का रहेगा। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद माघ मेला कल्पवासियों से खाली हो जाएगा।
जबकि मेले का औपचारिक समापन महाशिवरात्रि के स्नान पर्व 18 फरवरी के स्नान के बाद होगा। माघ मेला कल्पवासियों के लिए पूरी तरह से तैयार है। मेला प्राधिकरण ने सभी तैयारियां पूरी करली हैं। जिला और पुलिस प्रशासन भी हर मोर्चे पर मुस्तैद दिख ऱहा है।

दूसरी तरफ मंगलवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र एवं पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने मेला प्राधिकरण के आईसीसीसी सभागार में मेले की तैयारियों की समीक्षा की, साथही मेलाक्षेत्र में भ्रमण कर की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं, स्नानार्थिंयों एवं कल्पवासियों के लिए सभी व्यवस्थआ मुकम्मल बनाए रखने का निर्देश दिया, साथ ही मेला क्षेत्र को पालीथीन मुक्त बनाने, साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था रखने, मेला क्षेत्र में जलभराव, रिसाव न होने देने की हिदायत दी। मुख्य सचिव ने मला क्षेत्र को पूरी तरह से फायर प्रूफ बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यस्था दुरुस्त करने के साथ-साथ गंगा में शुद्ध जल की उपलब्धता बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।


