पांच विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से जुड़ा मामला
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्चत्तर शिक्षा सेवा आयोग को पांच विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नवचयनित अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में पहले से चयनित अभ्यर्थी भी अपने पद पर बने रहेंगे और उनके वेतन का भुगतान पहले की तरह होता रहेगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार चतुर्थ ने आकांक्षा यादव सहित 17 लोगों की ओर से दाखिल विशेष याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचियों की ओर से आयोग के संशोधित परिणाम को चुनौती दी गई थी।
उच्चत्तर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने संस्कृत, गणित, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर परिणाम जारी कर दिया था। चयन के आधार पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी दे दी गई लेकिन बाद में चयन प्रक्रिया से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने आयोग की भर्ती परीक्षा परिणाम को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई कर संशोधित परिणाम जारी करने का आदेश दिया था। आयोग ने परिणाम संशोधित किया तो कुछ चयनित बाहर हो गए। ऐसे अभ्यर्थियों ने आयोग के संशोधित परिणाम को चुनौती दी थी। कोर्ट ने आयोग से पूछा था कि किन परिस्थितियों में परिणाम संशोधित किए गए।
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचियों को राहत देते हुए सेवा में बहाल रखने का आदेश पारि किया था। बाद में सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने आदेश जारी किया तो कहा कि जो अभ्यर्थी पहले से चयनित हैं और सेवा में हैं, उन्हें न हटाया जाए। उन्हें पहले की तरह वेतन का भुगतान किया जाए। इसके साथ ही रिक्त पदों के सापेक्ष 18 अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर तैनाती दी जाए।


