
आलोक गुप्ता
प्रयागराज: (Prayagraj) जनपद में आवारा कुत्तों के हमले में बीस चीतल और एक चिंकारा की मौत हो गई है। इन चीतल और चिंकारा को एक निजी गेस्ट हाउस में संरक्षित किया गया था। बड़ी संख्या में चीतल और चिंकारा की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचीवन विभाग की टीम ने सभी को पोस्टमार्टम केलिए भेजा।
इस मामले में डीएफओ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर वन्य जीवों को संरक्षित किया गया था,वह प्राइवेट एरिया है। उसके लिए संबंधित संस्थान ने तीन वर्ष पहले परमीशन ली थी। फौरी तौर पर की गई जांच में कुत्तों के हमले की बात सामने आई है। सभी के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। इस मामले में प्राथमिकरूप से संबंधित संस्थान की लापरवाही को देखते हुए प्रबंधन समेत तीन लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करवाया गया है।
कुत्तों के हमले का शिकार हुए चीतल और चिंकारा को झूंसी के छतनाग गांव में एमपी बिरला गेस्ट हाउस में पाला गया था। यह मामला मंगलवार का बताया जा रहा है। डीएफओ के मुताबिक तीन वर्ष पहले झूंसी के एमपी बिरला गेस्ट हाउस में चीतल और चिंकारा को पालने की अनुमति दी गई थी। अभी तक जांच में पता चला कि आवारा कुत्तों ने बाड़े के अंदर घुसकर चीतल पर हमला बोल दिया था, जिसमें कुछ की हमले में मौत हो गई, जबकि कई अन्य चीतल की दहशत के कारण मौत हो गई। वन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।


