पुंछ: (Poonch) उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ में हुए आतंकी हमले के बाद शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक एसएल थाउसेन ने भी शनिवार को अग्रिम इलाकों का दौरा किया और जम्मू-कश्मीर के जुड़वां सीमावर्ती जिलों में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति और चुनौतियों की समीक्षा की।
जानकारी के अनुसार शनिवार को उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने घटनास्थल का दौरा कर आतंकी हमले से जुड़ी सभी जानकारियों के बारे में विस्तार से जाना। अधिकारियों ने उन्हें आतंकी हमले वाले दिन यानी 20 अप्रैल से लेकर अब तक की कार्रवाई के बारे में बताया। द्विवेदी ने अधिकारियों को हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए विशेष रणनीति अपनाने को कहा।
इससे पहले बीएसएफ के महानिदेशक एसएल थाउसेन ने राजौरी पुंछ के अग्रिम इलाकों का दौरा किया और जम्मू-कश्मीर के जुड़वां सीमावर्ती जिलों में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति और चुनौतियों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह और राजौरी और पुंछ में स्थित सीआरपीएफ के अन्य कमांडरों के साथ सुरक्षा संबंधी चर्चा की।
गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे थाउसेन ने राजौरी और पुंछ जिलों में अग्रिम रक्षा ठिकानों का दौरा किया और बीएसएफ की समग्र तैनाती और एफक डीएल पर वर्चस्व की योजना की समीक्षा की। अपनी यात्रा के दौरान डीजी ने बीएसएफ जवानों के साथ जमीनी स्तर पर बातचीत की और उन्हें हर समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उनके साथ बीएसएफ एडीजी पीवी रामा शास्त्री, आईजी डीके बूरा मौजूद रहे। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों ने डीजी को जम्मू, राजौरी और पुंछ में बीएसएफ फील्ड स्थानों की अपनी यात्रा के दौरान चुनौतियों और वर्तमान सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल को पुंछ जिले के संगयोट क्षेत्र में आतंकियों द्वारा सैन्य वाहन पर किए गए तीन तरफा हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे जबकि एक घायल हो गया था, जिसका उपचार सैन्य अस्पताल में जारी है। हमले के बाद से राजौरी व पुंछ जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है। इसी बीच आतकियों की धर-पकड़ के लिए राजौरी व पुंछ के जंगलों में तलाशी अभियान आज तीसरे दिन भी जारी है।


