
पटना : (Patna) पटना की सिविल अदालत (Patna Civil Court) ने सोमवार को बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा के महानिरीक्षक एम. सुनील कुमार नायक (M. Sunil Kumar Nayak, Inspector General of the Bihar Home Guard and Fire Service) के मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-9 की अदालत ने आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा दाखिल ट्रांजिट रिमांड याचिका को अपर्याप्त दस्तावेज और प्रक्रिया संबंधी कमियों के आधार पर खारिज कर दिया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विधिक मानकों का पालन किए बिना किसी भी अधिकारी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ओर से प्रस्तुत अभिलेखों और तैयारी पर असंतोष जताया तथा तत्काल ट्रांजिट रिमांड देने से इनकार कर दिया।
सादी वर्दी में भी आई थी आंध्रा पुलिस
कार्रवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आंध्र प्रदेश पुलिस (Andhra Pradesh Police) के कुछ कर्मी बिना वर्दी के न्यायालय परिसर में उपस्थित थे। इस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को बैठा दिया और न्यायिक मर्यादा बनाए रखने की सख्त हिदायत दी।
2021 के हिरासत प्रकरण से जुड़ा मामला
आईजी नायक के विरुद्ध वर्ष 2021 में आंध्र प्रदेश के नरसापुरम में पूर्व सांसद से जुड़े एक कथित हिरासत प्रकरण में मामला दर्ज किया गया था। यह केस हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधानों के तहत पंजीकृत है, जो वर्तमान में भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष धाराओं से संबद्ध बताया जा रहा है। इसी मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना में कार्रवाई की।
आवास पर पहुंची थी टीम, बढ़ी सुरक्षा
सोमवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित आईजी नायक के सरकारी आवास (Andhra Pradesh Police arrived at IG Nayak’s official residence in the Shastri Nagar) पर पहुंची थी। स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में पूछताछ और औपचारिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंच गए और प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई।


