पेरिस : (Paris) भारतीय शटलर एचएस प्रणय (Indian shuttler HS Prannoy) बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2025 के दूसरे दौर में हारकर बाहर हो गए हैं। प्रणय ने विश्व नंबर-2 एंडर्स एंटोनसेन (Denmark) के खिलाफ बड़ा उलटफेर करने की कोशिश की, लेकिन रोमांचक संघर्ष के बाद दूसरे दौर में 8-21, 21-17, 21-23 से हारकर बाहर हो गए।
प्रणय के पास निर्णायक गेम में दो मैच प्वॉइंट थे, लेकिन वह मौके को भुना नहीं सके। मैच के बाद उन्होंने निराशा जताई और कहा, “आखिरी कुछ अंकों में मैंने खराब शॉट खेले। मुझे ज्यादा ऊर्जा बचाकर आक्रामक खेलना चाहिए था। एंटोनसेन ने आखिरी 3-4 प्वॉइंट में आक्रमण किया और मैंने उन्हें आसान स्मैश दिए, जिससे खेल पलट गया। मुझे नेट पर और मौके लेने चाहिए थे।”
पहले गेम में कमजोर शुरुआत के बावजूद प्रणय ने दूसरा गेम जीतकर मैच को निर्णायक तक खींचा, लेकिन अंत में गलतियां उन्हें महंगी पड़ी। उन्होंने कहा, “बड़े टूर्नामेंट में मैच प्वॉइंट गंवाना हमेशा दर्द देता है। एक मैच पूरी प्रतियोगिता की दिशा बदल सकता है। अगर आप किसी फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को हराते हैं तो आत्मविश्वास मिलता है, लेकिन हारने पर सारी मेहनत व्यर्थ लगती है और खुद पर शक होने लगता है।”
विश्व और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता प्रणय (World and Asian Games bronze medalist Prannoy) पिछले कुछ वर्षों से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते रहे हैं। उन्हें पुरानी पेट की समस्या, कमर की चोट और पेरिस ओलंपिक से ठीक पहले चिकनगुनिया जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आगे कहा, “मैं लगातार सुधार की कोशिश कर रहा हूं। खेल के लिहाज से मैं अब भी कुछ साल खेल सकता हूं, लेकिन फिटनेस के मामले में युवा खिलाड़ियों के साथ तालमेल बिठा पाना मुश्किल हो रहा है। खेल की गति बहुत तेज है और शरीर वैसा रिस्पॉन्ड नहीं करता। यह खेल की वास्तविकता है।”
प्रणय ने संकेत दिया कि उनका अगला विश्व चैंपियनशिप (World Championship) शायद आखिरी हो सकता है। उन्होंने कहा, “शायद एक और। आप चाहते हैं कि दो-तीन साल और खेलें, लेकिन अधिकतम एक और चैंपियनशिप ही खेल पाऊंगा, वो भी अगर खुद को काफी खींच पाया तो।”


