spot_img

Palwal : उच्च न्यायालय के फर्जी आदेश बना 28 लाख की ठगी करने वाला पकड़ा

पलवल : साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम की मदद से आर्थिक अपराध शाखा पलवल ने हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय का फर्जी आदेश बनाकर एवं रिवेन्यू डिपार्मेंट का फर्जी चेक मोहर तैयार कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दूसरे आरोपी को मुम्बई जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। आरोपी के पिता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश करके चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।

आर्थिक अपराध शाखा में तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गांव बहीन निवासी गजराज ने जिला पुलिस अधीक्षक पलवल कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उसके पिता जोकि राजस्व विभाग में पटवारी के पद से रिटायर हो चुके हैं और उन्हें निलंबित होने की वजह से सेवा लाभ नहीं मिलने का केस वह उच्चतम न्यायालय से हार गए हैं। इस बारे में वह अपने जानकार राजपाल सिंह मलिक से बात कर रहे थे। तो वहां पर मौजूद फरीदाबाद निवासी मिथुन कौशिक एवं उनके पिता राजेंद्र कौशिक ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उनकी लड़की किरण जोकि हाईकोर्ट में वकील है और दो बार जज का टेस्ट दे चुकी है।

राजेंद्र कौशिक ने उसे आश्वासन दिया कि उसके दोनों बच्चे यह केस उच्च न्यायालय से करा देंगे और काम के 30 पर्सेंट कमीशन लेंगे और बताया कि जैसे-जैसे काम होता रहेगा वैसे-वैसे ही हमे पैसे देते रहना। इस पर राजेंद्र कौशिक अपनी लड़की को केस दिखाने के लिए फाइल को ले गया। चार-पांच दिन बाद राजेंद्र कौशिक ने अपने फोन से अपनी लड़की की बात कराई। जिस पर किरण ने उससे कहा कि उनकी चंडीगढ़ हाई कोर्ट में जज से बात हो गई है और उसने जल्द ही काम होने के लिए कहा और उसके पैसों की डील के बारे में मिथुन से बात करने के लिए कहा।

इकोनोमिक सेल मनोज कुमार सब इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश करके गहन पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से और भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। आरोपी मिथुन के खिलाफ फरीदाबाद के थानों में एक दर्जन मुकदमे धोखाधड़ी के दर्ज हैं।

Explore our articles